बस्तर क्षेत्र में बेमौसम बारिश और तूफान ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बंगाल की खाड़ी में उठे तूफान के असर से हुई इस बारिश ने धान खरीदी शुरू होने से पहले ही किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। धान की खड़ी फसलें झुक गई हैं, वहीं खेतों में कटी
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शनिवार (25 अक्टूबर) की शाम हुई तेज बारिश के कारण खेतों में भरा पानी नालों की ओर बह निकला, जिससे किसानों की कटी हुई फसल भी बह गई। कई स्थानों पर नालों में धान की बोरियां तैरती हुई देखी गईं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं, ग्राम आदनार में एक पुलिया भी टूट गया जिससे आवागमन बाधित है।

इस रास्ते के कटने से अब आवागमन बाधित है।
पुलिया टूटने से आवागमन बाधित
कोंडागांव जिले के बयानार क्षेत्र के ग्राम चेरंग बयानार में किसानों की स्थिति विशेष रूप से खराब बताई जा रही है। किसानों ने बताया कि उन्होंने जैसे-तैसे फसल काटी थी और खरीदी केंद्र खुलने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अब उनके सामने यह सवाल है कि वे खरीदी केंद्र तक क्या लेकर जाएं।
इसी बीच, जिले के ग्राम आदनार में “बड़को नाला पुलिया” टूट जाने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। यह पुलिया लिंगोंपथ–मर्दापाल–भाटपाल–नारायणपुर मार्ग को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण सड़क पर स्थित है, जिसे प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनाया गया था।

पुलिया का एक हिस्सा धंस गया।
किसानों के चेहरे पर छाई मायूसी
लगातार बारिश के कारण पुलिया का एक हिस्सा धंस गया और पानी का दबाव बढ़ने से उसका शेष भाग भी टूट गया। गनीमत रही कि जिस समय यह घटना हुई, उस समय कोई वाहन पुल पार नहीं कर रहा था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
प्रदेश में 1 नवंबर से धान खरीदी प्रक्रिया शुरू होनी है, लेकिन मौसम के इस बदले मिजाज से किसानों के चेहरों पर मायूसी छा गई है। जिन खेतों में अभी फसल खड़ी है, वहां पानी भरने से धान के गिरने और सड़ने का खतरा बढ़ गया है, और कटी हुई फसल भी खेतों में खराब हो रही है।
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