मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में कटकर पड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों को साल भर की मेहनत बर्बाद होने का डर सता रहा है।
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जिले के कई गांवों में लगातार हो रही बारिश से खेतों में पानी भर गया है। इससे धान की कटाई बाधित हो गई है और कटी हुई फसल के सड़ने की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही बारिश नहीं रुकी तो उनकी पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी।

बारिश से धान की फसल गिली हुई।
किसानों के खेतों में भरा पानी
ग्राम पंचायत चिड़ौली के किसान रामप्रसाद अहिरवार ने बताया कि बेमौसम बारिश ने उनके गांव में कहर बरपाया है। उनके और अन्य किसानों के खेतों में पानी भर गया है, जिससे धान की फसल पूरी तरह खराब हो गई है।
छिरहाटोला गांव की राजकुमारी ने भी अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि उनकी धान की कटी हुई फसल खेतों में रखी थी, जो लगातार तीन-चार दिनों से हो रही बारिश में पूरी तरह भीग गई है। उनके पांचों खेतों में पानी भरने से धान खराब हो गया है।

फसल के सड़ने की आशंका है।
दलहन-तिलहन का रकबा बढ़ा
कोरिया और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिलों में खरीफ वर्ष 2025-26 के लिए 11 लाख 37 हजार 468 क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए सहकारी बैंक के माध्यम से किसानों को 50 करोड़ रुपए का कर्ज भी दिया गया है।
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, खरीफ वर्ष 2025-26 में धान का रकबा 922 हेक्टेयर घटकर 32,920 हेक्टेयर हो गया है, जबकि पिछले साल यह 33,842 हेक्टेयर था।
हालांकि, दलहन का रकबा 536 हेक्टेयर बढ़कर 9,730 हेक्टेयर और तिलहन का रकबा बढ़कर 2,272 हेक्टेयर हो गया है। मूंगफली फसलों के रकबे में भी पिछले साल के 933 हेक्टेयर की तुलना में 1,520 हेक्टेयर तक वृद्धि दर्ज की गई है।
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