Facebook Twitter Youtube
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
Home » Towards the end of the Red Terror | अंत की ओर लाल आतंक: 27 नक्सलियों ने हथियार डाले, दो दिन में 88 सरेंडर – Raipur News
Breaking News

Towards the end of the Red Terror | अंत की ओर लाल आतंक: 27 नक्सलियों ने हथियार डाले, दो दिन में 88 सरेंडर – Raipur News

By adminOctober 16, 2025No Comments2 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
orig 1 1 1760570327
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email



orig 1 1 1760570327

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में डेढ़ करोड़ के इनामी नक्सली सोनू दादा उर्फ भूपति समेत 61 नक्सलियों के सरेंडर के बाद बुधवार को सुकमा जिले में भी 27 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए हैं। इन पर करीब 50 लाख रुपए का इनाम था। इनमें दुर्दांत नक्सली हिड़मा का साथी भी शाम

.

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में 10 लाख का इनामी पीएलजीए बटालियन नंबर 1 का हेडक्वॉर्टर प्लाटून नंबर 2 सप्लाई टीम कमांडर ओयाम लखमू शामिल है। लखमू दुर्दांत नक्सली हिड़मा का साथी रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों में ओयाम लखमू सहित 15 पार्टी सदस्य व 11 अग्र संगठन के सक्रिय नक्सली शामिल हैं। इनमें 10 महिला व 17 पुरुष नक्सली शामिल हैं। वहीं, उत्तर बस्तर में लंबे समय से काम कर रहे 50 नक्सलियों का जत्था बस्तर आईजी के सामने गुरुवार को सरेंडर करेंगे।

भूपति ने सीएम फडणवीस को सौंपा हथियार: सोनू दादा उर्फ भूपति ने मंगलवार को ही सरेंडर कर दिया था। लेकिन, बुधवार को गढ़चिरौली में एके-47 राइफल सीएम देवेंद्र फडणवीस को सौंपते हुए वह समाज की मुख्यधारा में शामिल हुआ।

हिड़मा कर्रेगुट्‌टा ऑपरेशन के 7वें दिन तेलंगाना भागा, 250 नक्सली भी साथ थे

प्रदीप गौतम की रिपोर्ट

आत्मसमर्पण करने वाले 27 नक्सलियों में दुर्दांत नक्सली सीसीएम हिड़मा का साथी रहा ओयाम लखमू भी शामिल है। भास्कर से बातचीत में उसने कई बड़े खुलासे किए हैं। लखमू ने बताया कि कर्रेगुट्‌टा में अप्रैल-मई में चलाए गए ऑपरेशन के दौरान हिड़मा सहित बारसे देवा, केसा, कुम्मा, छन्नू दादा, एर्रा, उधमसिंह, जग्गू दादा भी वहीं मौजूद थे।

इस दौरान 36 नक्सली के मारे गए। चूंकि तेलंगाना की तरफ जवानों की घेराबंदी कमजोर थी। ऐसे में हिड़मा ऑपरेशन के सातवें दिन 250 साथियों के साथ परपातोंग झरना होते हुए गुंजुर गांव के रास्ते तेलंगाना की ओर भाग निकला। उसने बताया कि कर्रेगुट्टा के पहाड़ों को हिड़मा अपने लिए सबसे सुरक्षित और पसंदीदा इलाका मानता है।

ये पहाड़ तेलंगाना से लगा हुआ है, जिसके कारण नक्सलियों की पनाहगाह के तौर पर यह ज्यादा सुरक्षित जगह रही है। यही वजह है कि नक्सली छत्तीसगढ़ में बड़ी वारदात को अंजाम देने के बाद या तो इस पहाड़ पर छिपते रहे हैं या इसी पहाड़ के रास्ते तेलंगाना की ओर भागते रहे हैं।



<



Advertisement Carousel

theblazeenews.com (R.O. No. 13229/12)

×
Popup Image



Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
admin
  • Website

Related Posts

Sarona Liquor Shop Theft | 7 Lakh Locker Stolen, CCTV DVR Taken

June 14, 2026

बिना सबूत क्लेम रिजेक्ट करना गलत:आयोग ने बीमा कंपनी को ठहराया दोषी, 28 लाख देने का आदेश दिया

June 14, 2026

केशकाल कॉलेज में परीक्षा के बीच आग:प्राचार्य कक्ष में शॉर्ट सर्किट से हादसा, कोई जनहानि नहीं हुई

June 14, 2026

Comments are closed.

samvad add RO. Nu. 13843/146
samvad add RO. Nu. 13843/146
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • YouTube
  • Telegram
Live Cricket Match

[covid-data]

Our Visitor

074000
Views Today : 1501
Views Last 7 days : 3074
Views Last 30 days : 7739
Total views : 99538
Powered By WPS Visitor Counter
About Us
About Us

Your source for the Daily News in Hindi. News about current affairs, News about current affairs, Trending topics, sports, Entertainments, Lifestyle, India and Indian States.

Our Picks
Language
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • Home
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.