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इस साल मानसून सीजन जिले के लिए बेहद अच्छा रहा। एक जून से लेकर 10 अक्टूबर तक जिले में औसतन 1406.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले 10 वर्षों में सबसे अधिक है। मौसम विभाग और भू-अभिलेख शाखा के अनुसार, वर्ष 2020 में 1460.1 मिमी बारिश हुई थी, उसके बाद पहली बार जिले में इतना अच्छा मानसूनी प्रदर्शन देखने को मिला है।
पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2015 में 1025 मिमी, 2016 में 1226.9 मिमी, 2017 में 998.4 मिमी, 2018 में 960.4 मिमी, 2019 में 1151 मिमी, 2021 में 1149.9 मिमी, 2022 में 1290 मिमी, 2023 में 1208.1 मिमी और 2024 में 1223.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई थी।
इस तरह 2025 का मानसून औसत से बेहतर साबित हुआ है। जिले की सभी तहसीलों में बारिश का वितरण लगभग संतुलित रहा, हालांकि अकलतरा तहसील सबसे आगे रही जहां 1561.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। वहीं, नवागढ़ में सबसे कम 1188.3 मिमी और शिवरीनारायण में 1237.4 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। अन्य तहसीलों में भी सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 15 अक्टूबर को अधिकांश समय तक धूप के बीच बादल छाए रहने के आसार है। 11 को बूंदाबांदी व हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद 12 अक्टूबर तक मौसम साफ रहने के साथ तापमान में गिरावट होने से ठंड बढ़ने के आसार हैं। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री रहा। जिले की 9 तहसील में बारिश की स्थिति तहसील बिारश मिमी में जांजगीर 1474.3 चांपा 1487.1 पामगढ़ 1293.8 नवागढ़ 1188.3 अकलतरा 1561.6 बलौदा 1473.2 शिवरीनारायण 1237.4 सारागांव 1461.7 बम्हनीडीह 1478.3
टेल एरिया में पानी नहीं पहुंचने की शिकायत दूर लगातार अच्छी वर्षा के कारण खेतों में नमी बनी है। पिछले साल इन्ही दिनों में गोधना, केरा, सलखन सहित कई गांव ऐसे थे जहां टेल एरिया में पानी नहीं पहुंचने से किसान परेशान थे। लेकिन इस बार अब तक ऐसी स्थिति नहीं है। अच्छी बारिश होने से नहर के साथ-साथ नालों व तालाब, एनीकट पानी से भरा हुआ है।
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