मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद नहर में छोड़ा गया पानी।
पिछले करीब एक माह से जल संकट की समस्या से जूझ रहे शहरवासियों को अब पानी की दिक्कत नहीं होगी। खूंटाघाट नहर रिपेयरिंग के बाद पानी सप्लाई शुरू की गई है। निर्माण कार्य के चलते गंदा पानी आने के कारण इसे नहर में छोड़ा जा रहा है। शुक्रवार सुबह से शहर की पाइप
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दअरअसल, खूंटाघाट बांध से नहर के माध्यम से शहर के करीब 40 हजार से अधिक लोगों को पानी सप्लाई की जाती है। 276 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन ड्राई हो जाने के कारण पिछले करीब 20 दिनों से पानी सप्लाई पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। इसके चलते शहर के कई वार्डों में जलसंकट की स्थिति बन गई थी। हालांकि, नगर निगम ने टैंकर के जरिए लोगों को पानी उपलब्ध कराने का दावा किया था। लेकिन, पानी की किल्लत में कई मोहल्लों में लोग सुबह-शाम पानी की तलाश में भटक रहे थे।

करीब एक माह से लोगों को नहीं मिल रहा था पानी।
बंद पड़े बोर से पानी सप्लाई का दावा जल संकट बढ़ने पर नगर निगम ने बंद पड़े बोरों को चालू कर वैकल्पिक व्यवस्था बनाने की कोशिश की। लेकिन, वर्षों से बंद बोर अचानक चालू करने पर हवा छोड़ने लगे और पानी का फोर्स बेहद कम हो गया। कुछ वार्डों में टैंकर से सप्लाई भी शुरू की गई, फिर भी लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा था। नागरिकों ने बताया कि खूंटाघाट से नियमित सप्लाई होने के बाद अधिकांश बोर बंद कर दिए जाते हैं, ऐसे में अचानक जरूरत पड़ने पर वे बेहतर ढंग से काम नहीं कर पा रहे थे।
नहर की रिपेयरिंग, 40 हजार से ज्यादा लोग थे परेशान नहर के दोनों किनारों पर हुए कटाव बन गया था। बारिश के दौरान भी नहर का किनारा बहकर कटाव बना लिया था, जिससे नहर को नुकसान हो रहा था, जिसे ठीक करने के लिए रिपेयरिंग का काम जरूरी हो गया था। इसके चलते बांध से सप्लाई बंद कर नहर सूखने के बाद निगम ने सफाई और मरम्मत का काम शुरू किया। इस वजह से शहर के करीब 40 हजार से अधिक लोगों तक पीने के पानी की सप्लाई रोकना पड़ा। नगर निगम के अफसरों ने बताया कि नहर रिपेयरिंक का काम अब पूरा हो गया है, जिसके बाद पानी सप्लाई कर ट्रायल शुरू किया गया है। गुरुवार को दिन भर गंदे पानी को नहर में छोड़ा जा रहा है। शुक्रवार से साफ पानी आने के बाद शहर में सप्लाई शुरू की जाएगी।
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