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22 सितंबर से देशभर में जीएसटी की नई घटी हुई दरें लागू हो गई है। इससे रोजमर्रा के उपयोग में आने वाली सामग्री जैसे डिटर्जेंट, सौंदर्य प्रसाधन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, खाने-पीने की पैक्ड वस्तुएं और स्टेशनरी सस्ती हुई हैं, लेकिन रायपुर में आम जनता को इससे र
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ऐसा इसलिए क्योंकि अधिकांश खुदरा दुकानदार अभी भी ग्राहकों को पुराने रेट पर ही सामान बेच रहे हैं। दुकानदार पुराने स्टॉक का हवाला देते हुए पुराने दाम पर ही सामान बेच रहे हैं। भास्कर की पड़ताल में भी ये सामने आया कि अधिकांश खुदरा दुकानों में पुराने दाम पर ही सामाग्री बेची जा रही है। दुकानदारों का कहना है कि नया स्टॉक आने के बाद ही वे ग्राहकों को इसका लाभ दे पाएंगे।
ओम किराना स्टोर, देवेंद्र नगर समय – दोपहर 12.40 बजे टीम ने यहां से अच्छी क्वालिटी का टूथब्रश मांगा। दुकानदार ने पूरा का पूरा टोकना रखते हुए कहा- पसंद कर लीजिए। टीम ने कहा कि आपकी नजर में अच्छी क्वालिटी का जो उसे दे दीजिए। दुकानदार वीको का ब्रस दिया। कीमत 48 रुपए है, लेकिन 40 रुपए दे दो। टीम ने पूछा इसमें जीएसटी छूट नहीं दे रहे हैं। उसने बताया कि मुझे अभी जानकारी नही है कि किन-किन समानों पर रेट घटा है। पुराने स्टॉक हैं, उसे पुराने रेट पर ही बेच रहे हैं, लेकिन प्रिंट रेट से कुछ कम कर दे रहे हैं।
अनिल प्रोविजन स्टोर, पंडरी समय – दोपहर 01.05 बजे दुकान पर ग्राहकों की भीड़ लगी थी। टीम ने दुकानदार से क्लीनिक प्लस शैंपू की मांग की। दुकान संचालक ने 75 रुपए लगाया। पैसे पे करते समय टीम ने पूछा कि जीएसटी कम नही करेंगे क्या? उन्होंने बताया कि सरकार ने जो आदेश निकाला है, उसके 80 पन्ने हैं। इसे पढ़ने में ही दो महीने से ज्यादा समय लग जाएगा। टीम ने कहा यदि नया माल आएगा और जीएसटी लागू हो जाएगा तो शैंपू कितने में मिलेगा। उन्होंने कहा कि तब इसकी कीमत 68 रुपए हो जाएगी।
एसएस प्रोविजन स्टोर, पंडरी गुरुद्वारा समय – दोपहर 0 1.20 बजे टीम ने यहां 9 वॉट का एलईडी बल्ब लिया। दुकान संचालक ने 90 रुपए मांगा। हमने पूछा कि इसका दाम कुछ कम नहीं हुआ। उसने बताया कि पहले इसका दाम 150 रुपए था, लेकिन बाजार में इतनी कंपनी आ गई कि इसका दाम घट गया है। यही कारण है कि इसे 90 रुपए में बेचा जा रहा है। टीम ने कहा जीएसटी की नई दर लागू हो गई है, आपके यहां सामान पर लागू नहीं हुई है क्या? दुकानदार ने कहा अभी नया फार्मेट नहीं आया है, आते ही लागू किया जाएगा।
व्यापारियों की दलीलें कई दुकानदारों का कहना है कि उनके पास जो स्टॉक पहले से है, उस पर पुरानी दरें लागू थीं और वे उसी के अनुसार बेच रहे हैं। देवेंद्र नगर के एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हमारे पास जो माल पहले से पड़ा है, वह पुराने रेट पर खरीदा गया है। नुकसान उठाकर हम कैसे बेच सकते हैं।
ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा असर स्थानीय निवासी नीलिमा कहती हैं कि सरकार ने तो ऐलान किया कि सामान सस्ता होगा, लेकिन यहां बाजार में कोई फर्क नहीं दिख रहा। दुकानदार अभी भी पुरानी कीमत मांग रहे हैं। एक अन्य उपभोक्ता रवि ठाकुर ने बताया कि उन्होंने हाल ही में दुकानों से घरेलू उपयोग के सामान खरीदा, जीएसटी कम होने के बाद भी उसी रेट पर बेचा जा रहा है।
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