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सरगुजा की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने जनपद पंचायत अंबिकापुर के ग्राम पंचायत सकालो में साप्ताहिक बकरी मंडी की शुरुआत की गई है।
यह प्रदेश की पहली बकरी मंडी है, जो बिहार के गया में लगने वाले पशु मेले की तर्ज पर इसे विकसित किया गया है। यह मंडी राष्ट्रीय आजीविका मिशन (बिहान) और पशुधन विकास विभाग के संयुक्त प्रयास से शुरू की गई है। मंडी के शुभारंभ पर सरपंच सुरेश सिंह, उप सरपंच भोलाचंद टेकाम, जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, पशुधन विकास विभाग के उप संचालक डॉ. आरपी शुक्ला, अतिरिक्त उप संचालक डॉ. सीके मिश्रा, जनपद सीईओ राजेश सेंगर सहित बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और ग्रामीण उपस्थित थे। सकालो बाजार के समीप संचालित यह मंडी मां लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह द्वारा प्रबंधित की जा रही है।
इस पहल से न केवल स्थानीय पशुपालकों को व्यापार का नया मंच मिला है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में यह एक प्रभावी कदम साबित हो रहा है। अब महिलाएं अपनी बकरियां सीधे मंडी में बेचकर उचित मूल्य प्राप्त कर सकेंगी, जिससे बिचौलियों पर उनकी निर्भरता समाप्त होगी। ग्राम पंचायत सकालो की बकरी पालक मानमति मरावी ने बताया कि पहले व्यापारी मनमाने दामों पर बकरियां खरीद लेते थे, जिससे सही लाभ नहीं मिल पाता था। अब साप्ताहिक मंडी खुलने से स्थानीय स्तर पर ही बकरियों की बिक्री हो रही है, जिससे महिलाओं की आमदनी बढ़ी है और उनमें बकरी पालन के प्रति उत्साह भी बढ़ा है।
सकालो में साप्ताहिक बकरी मंडी की शुरुआत से स्थानीय स्तर पर पशुधन व्यापार को नई दिशा मिली है। अब ग्रामीणों को बकरियों की खरीद-बिक्री के लिए शहरों या दूरस्थ बाजारों तक नहीं जाना पड़ेगा। इससे परिवहन लागत घटेगी, समय की बचत होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यह मंडी ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक मिसाल पेश कर रही है।
^पिछले कई महीनों से अलग-अलग जगहों पर रिसर्च के बाद महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने यह बाजार बनाया गया है। अभी सभी ब्लॉकों में समूह की महिलाएं बकरी पालन कर रही है, जिन्हें अब बेचने बाजार एक मंच है। अब यहां प्रति किलो के दर से बकरी-बकरों की खरीदी बिक्री होगी। तो बकरी पालन करने वाले पशुपालकों को लाभ मिलेगा। -विनय अग्रवाल, सीईओ, जिला पंचायत, अंबिकापुर
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