छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित कंडोरा में रौतिया समाज द्वारा आयोजित सोहराई-कर्मा महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज के गौरवशाली इतिहास और देश की आजादी में रौतिया समाज के योगदान की सराहना की।
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मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रौतिया समाज ने जशपुर रियासत और देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने समाज की सेवा और समर्पण की भावना को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि कर्मा-सोहराई जैसे पर्व हमारी प्राचीन संस्कृति के प्रतीक हैं, जिन्हें संरक्षित रखना आवश्यक है।

CM बोले- हम प्रकृति पूजक हैं, परंपरा से जुड़े रहना हमारी पहचान
उन्होंने बताया कि हम प्रकृति के पूजक हैं और पेड़-पौधों की पूजा हमारी परंपरा का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह से अपनी संस्कृति और परंपरा से जुड़े रहने का आग्रह किया, चाहे वे कितने भी शिक्षित और सफल क्यों न हो जाएं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न उपलब्धियों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि पिछले 22 महीनों में ‘मोदी की गारंटी’ के तहत राज्य में कई ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। इनमें 18 लाख मकानों का निर्माण, धान खरीदी पर बोनस का भुगतान और महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को लाभ शामिल है। तेंदूपत्ता खरीदी और चरण पादुका योजना से भी लोगों को राहत मिली है।

रामलला तीर्थ दर्शन योजना में 30 हजार श्रद्धालुओं ने लिया लाभ
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि रामलला तीर्थ दर्शन योजना के तहत अब तक 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिला है, जिसमें बुजुर्ग भी शामिल हैं। कुनकुरी क्षेत्र के विकास पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यहां मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज और एग्रीकल्चर कॉलेज को स्वीकृति मिल चुकी है। रेलवे लाइन सर्वे और निजी क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिले में सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। 15,800 करोड़ रुपये की सिंचाई योजना का जीर्णोद्धार किया जाएगा और हर्राडांड़ में 400 मेगावाट बिजली परियोजना पर कार्य शुरू हो चुका है।




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