बलौदाबाजार जिले में फैशन के नाम पर हाथ में कड़े पहनने वाले युवकों पर कार्रवाई हुई है। पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत 200 युवकों के हाथ से कड़े उतरवा लिए। पुलिस का कहना है कि इन कड़ों का इस्तेमाल अब मारपीट की घटनाओं में हथियार के तौर पर हो रहा है इसल
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जिले में मारपीट की घटनाएं बढ़ रही है। जहां पीड़ितों को गंभीर चोटें आ रही थीं। पुलिस की जांच में सामने आया कि झगड़ों के दौरान युवा भारी और धारदार कड़ों को हथियार के रूप में उपयोग कर रहे थे। इन कड़ों से सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें लगने के कई मामले दर्ज हुए हैं।

स्कूल-कॉलेज के छात्रों के बीच ज्यादा लोकप्रिय
यह प्रवृत्ति विशेष रूप से स्कूल और कॉलेज के छात्रों के बीच लोकप्रिय हो रही है, जहां युवा एक-दूसरे को देखकर ऐसे कड़े पहनना शुरू कर रहे हैं।
जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, SP भावना गुप्ता के निर्देश पर एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान गांव-गांव और शहरी क्षेत्रों में चलाया जा रहा है।

संदिग्ध युवाओं पर नज़र रख रही पुलिस
पुलिस टीमें चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर 12 से 25 वर्ष की आयु के संदिग्ध युवाओं पर नज़र रख रही हैं। जिन युवाओं के हाथों में भारी या धारदार कड़े पाए जा रहे हैं, उनसे उन्हें तुरंत हटाने के लिए कहा जा रहा
पलारी थाना प्रभारी हेमंत पटेल ने बताया, हमें लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ युवा हाथों में कड़े पहनकर दूसरों को धमकाते हैं और विवाद की स्थिति में इन्हें हथियार के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। इससे गंभीर घटनाओं का खतरा बना रहता है।


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