लखनपुर के केवरी गांव के दो सगे भाई योगेंद्र व तुसन सिंह की सोमवार रात बनारस रोड पर अलग-अलग सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे ने परिवार ही नहीं पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। गांव का हर आदमी घटना पर चर्चा कर रहा था, पर बेटों की मां सम्मती देवी बेटों की म
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आखिर में तबीयत खराब न हो, इसलिए परिवार ने यही बताया कि योगेंद्र अब दुनिया में नहीं है और तुसन को सड़क हादसे में घायल होने पर भर्ती कराया है। मंगलवार सुबह से ही मां तुसन की राह देखती रही और पूछती रही कि वह कब पहुंचेगा। योगेंद्र का शव घर पर रखा था। अंतिम संस्कार में देरी भी मां को खटक रही थी। परिवार के सदस्य यह कह बात टालते रहे कि रिश्तेदार आने वाले हैं। मां नम आंखों से योगेंद्र के शव को ताकती रही और दूसरी ओर उसकी आंखें तुसन की राह देख रही थी। शाम को जब तुसन का शव घर के आंगन में रखा गया, तो मां की हिम्मत टूट गई। वह बदहवास होकर रोने-चिल्लाने लगी। वह एक ही बात कहती रही कि अब किसके सहारे जिउंगी। योगेंद्र व तुसन की उम्र में 2 साल का अंतर था।
परिजन इस साल दोनों की शादी करने वाले थे। तुसन लखनपुर में स्टेशनरी का कारोबार करता था। परिवार में इनका बड़ा भाई भूपनारायण सिंह भी है, जो कि एयरफोर्स में है। जानिए… क्या है मामला योगेंद्र ने माइनिंग से इंजीनियरिंग की थी। कई बार कंपनियों में नौकरी का प्रयास किया, पर जॉब नहीं लगी। वह ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनियों के लिए डिलवरी ब्वॉय का काम करता था। इसके साथ लटोरी के पास शाम को ठेला लगाकर चना-मूंगफली बेचता था। तुसन ने भी बीए किया था। अंबिकापुर से लगे बनारस रोड पर सोमवार रात दो अलग-अलग सड़क हादसों में लखनपुर केवरी निवासी दो भाइयों की मौत हो गई। पहला हादसा रात 9 बजे चठिरमा के पास हुआ। यहां योगेंद्र सिंह (32) की बाइक खड़े ट्रक से जा भिड़ी। सिर पर गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। भाई की मौत की खबर सुन छोटा भाई तुसन सिंह (30) मोपेड से घटनास्थल के लिए निकला। लटोरी के पास कार ने उसे टक्कर मार दी। घायल को बिलासपुर ले जाते समय रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।
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