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ग्राम पंचायत जूनापारा में जनपद निधि से स्वीकृत तालाब गहरीकरण कार्य में भारी अनियमितता सामने आई है। वर्ष 2024-25 के तहत स्वीकृत पांच लाख रुपए की राशि का दुरुपयोग कर केवल कागजों में काम पूरा दिखा दिया गया, जबकि धरातल कोई काम नहीं हुए हैं। इसे लेकर जुलाई महीने में ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपते हुए जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अब इस मामले में बंदरबांट हो रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि 5 लाख रुपए से तालाब गहरीकरण का काम दो दिनों में एक जेसीबी और दो ट्रैक्टर की मदद से काम हुआ था। दो दिनों के काम को ही रिकॉर्ड में गहरीकरण और मरम्मत होना दर्शा दिया गया। स्थानीय निवासी कृष्णा यादव ने बताया कि मरम्मत और गहरीकरण के लिए सिर्फ लीपापोती की गई। वर्तमान में तालाब की स्थिति जस की तस है।
केवल दिखावे के लिए खुदाई कराई गई और काम पूरा बता कर राशि का आहरण कर लिया गया। राम रतन राजवाड़े ने बताया कि शिकायत के बाद जांच टीम आई जरूर थी ,लेकिन ग्रामीणों से कोई जानकारी नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि यह भ्रष्टाचार सरपंच, सचिव की मिलीभगत से हुआ था। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी इस तालाब के नाम पर लाखों रुपए निकाले जा चुके हैं, लेकिन काम सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। ग्रामीणों की मांग है कि इस कार्य की फिर से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
ताकि सच्चाई सामने आने के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके। जूनापारा सरपंच रीता खलको ने कहा कि तालाब गहरीकरण का कार्य पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि जेसीबी और ट्रैक्टर चार से पांच दिन तक लगातार काम में लगे रहे और कार्य उनकी देखरेख में पूरा किया गया था। सरपंच ने यह बात मानी कि उन्हें तालाब गहरीकरण और मरम्मत के लिए कोई तकनीकी मार्गदर्शन नहीं मिला।
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