![]()
नक्सलियों के समर्पण में मिल रही कामयाबी के बाद अब राज्य सरकार बस्तर के विकास का मॉडल तैयार कर रही है। इसके तहत बस्तर में गांव- गांव तक पेसा कानून लागू करने की तैयारी है। साथ ही फॉरेस्ट राइट एक्ट का तीसरा प्रावधान यानी पारंपरिक वन प्रबंधन का जिम्मा भी
.
सबसे पहली प्राथमिकता हर पंचायत तक पेसा कानून को लागू करने की है। अगले एक से दो महीने में सरकार इस मॉडल को जमीनी स्तर पर अमल में लाना शुरू कर देगी। बताया जा रहा है कि सरकार के साथ ही भाजपा संगठन भी बस्तर के गांव- गांव और हर घर तक जाने की योजना बना रही है।
ताकि हर गांव तक सरकार के विकास के मॉडल को पहुंचाया जा सके। दरअसल, बस्तर के विकास की सबसे बड़ी बाधा नक्सली रहे हैं। बस्तर को नक्सल मुक्त करने की सरकार के संकल्प के कारण बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इसके साथ ही सरकार अब दूसरे चरण यानी बस्तर के विकास की कार्ययोजना तैयार करने में जुट गई है।
सरकार अब बस्तर के विकास का रोड मैप तैयार कर रही है।
सुरक्षा कैंप होंगे वनोपज के कलेक्शन व मार्केटिंग के केंद्र
बस्तर के विकास मॉडल में लाेगाें की सुरक्षा के लिए बने कैंपों की भी हाेने जा रही है। सरकार इन सुरक्षा कैंपों को बस्तर के सामाजिक, आर्थिक विकास के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। है। बस्तर में लगभग 400 सुरक्षा कैंप बने हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन कैंपों का उपयोग लघु वनोपज के कलेक्शन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के लिए करने की योजना है। इसके अलावा इन कैंपों में हॉस्पिटल, स्कूल और स्व सहायता समूह के केंद्र भी बनाए जाएंगे। ताकि लाेगाें की शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों काे पूरा किया जा सके।
क्या है पेसा कानून पेसा कानून ग्राम सभाओं को विकास योजनाओं की मंजूरी देने और सभी सामाजिक क्षेत्रों को नियंत्रित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने का अधिकार देता है। यह प्राकृतिक संसाधनों पर उनके पारंपरिक अधिकारों को स्वीकार करता है। अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए ग्राम सभाओं के माध्यम से स्वशासन सुनिश्चित करना इसका प्रमुख उद्देश्य है। यह कानूनी रूप से आदिवासी समुदायों, अनुसूचित क्षेत्रों के निवासियों के अधिकार को स्वशासन की अपनी प्रणालियों के माध्यम से स्वयं को शासित करने के अधिकार को मान्यता देता है।
प्राथमिकता से लागू करेंगे: शर्मा डिप्टी सीएम और गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि अब बस्तर बदल रहा है। सामाजिक संगठन और जन सामान्य से हमने अपील की है कि वे बस्तर के विकास में अपना योगदान दें। बस्तर के आदिवासी भाइयों के हक के लिए सरकार पेसा कानून प्राथमिकता से लागू करेगी। बस्तर कैसा विकसित हो, वे स्वयं तय करेंगे। जिस प्रकार भटके युवा लोकतंत्र पर विश्वास जताते हुए मुख्यधारा में लौट रहे हैं। इसमें कोई संदेह नहीं की बस्तर का विकास हमारी सरकार की प्राथमिकता में है और इसे हम पूरा करेंगे। सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
<
