सरगुजा में कांग्रेस जिला अध्यक्ष के लिए तीसरे दिन रायशुमारी पूरी हो गई है। जिलाध्यक्ष के लिए 11 दावेदारों ने फॉर्म भरा है। कांग्रेस पर्यवेक्षक और झारखंड पीसीसी के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि, जो सर्वमान्य नाम होगा, वहीं कांग्रेस का जिलाध्यक्ष
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सरगुजा में कांग्रेस के पर्यवेक्षकों ने तीसरे दिन कांग्रेस पदाधिकारियों की बैठक ली। सामाजिक संगठनों और वरिष्ठजनों से कांग्रेस जिलाध्यक्ष के नामों को लेकर चर्चा की। राजेश ठाकुर ने लोगों से पूछा कि कांग्रेस अध्यक्ष के लिए सबसे उपयुक्त नाम बताएं। पिछले दो दिनों में वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ ही जिला पदाधिकारियों, ब्लॉक, जोन और बूथ लेवल तक के पदाधिकारियों से मुलाकात कर पर्यवेक्षकों ने रायशुमारी की।
सरगुजा में कांग्रेस के संगठन सृजन कार्यक्रम के लिए मुख्य पर्यवेक्षक राजेश ठाकुर के साथ ही छत्तीसगढ़ के पूर्व पीसीसी अध्यक्ष धनेंद्र साहू, विधायक सावित्री मंडावी और अमरजीत चावला की टीम अंतिम दिन भी लोगों से संपर्क कर उनकी राय जानने में जुटे रहे।

ब्लॉकों में भी पर्यवेक्षकों ने की रायशुमारी
कार्यकर्ताओं की पसंद का होगा अध्यक्ष- राजेश ठाकुर
मुख्य पर्यवेक्षक राजेश ठाकुर ने कहा कि, सभी लोगों की राय ली गई है। जो नाम सर्वाधिक आएगा, वहीं जिलाध्यक्ष बन पाएगा। सभी लोग अपनी बातें रख रहे हैं। दावेदार अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन लोग क्या चाहते हैं, कार्यकर्ता क्या चाहते हैं, वो कार्यकर्ता बताते हैं।
राजेश ठाकुर ने कहा कि, जिसमें ज्यादा रजामंदी हो, वही अध्यक्ष बनें। जितने आवेदन आए हैं, उनमें कोई एक ही अध्यक्ष बनेगा। नाराज होने वालों की संख्या ज्यादा होगी। उसकी परवाह नहीं करनी है।
राजेश ठाकुर ने गुटबाजी को लेकर कहा कि शायद इसी वजह से हार हुई होगी। लेकिन हमें लगता है कि हार के बाद लोगों को सबक मिला है। नेताओं को यह बात समझ आ गई है कि हमारे अलग-अलग होने से नुकसान हुआ। सभी की सहमति से अध्यक्ष बनेगा।
ये हैं सरगुजा के दावेदार
- बालकृष्ण पाठक: बालकृष्ण पाठक पिछले कुछ महीने से सरगुजा कांग्रेस जिला अध्यक्ष की कमान संभाल रहे हैं। वे पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के करीबी माने जाते हैं। बालकृष्ण पाठक पहले भी अविभाजित सरगुजा में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रहे हैं। भूपेश सरकार के कार्यकाल में वे पादप बोर्ड के अध्यक्ष थे।
- शफी अहमद: शफी अहमद वर्तमान में नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष हैं। शफी भी टीएस सिंहदेव के करीबी नेता हैं। बालकृष्ण पाठक को उम्र के कारण जिला अध्यक्ष बनाने में यदि दिक्कत आई तो शफी विकल्प के तौर पर सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।
- द्वितेन्द्र मिश्रा: कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री रहे द्वितेंद्र मिश्रा भी टीएस सिंहदेव के बेहद करीबी हैं। उन्होंने भी सिंहदेव के गुट से विकल्प के तौर पर दावेदारी की है। ब्राहम्ण समाज से आने के कारण बालकृष्ण पाठक के विकल्प के रूप में मिश्रा ने दावेदारी की है।
- गुरप्रीत बाबरा: गुरप्रीत बाबरा पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में खाद्य आयोग के अध्यक्ष थे। वे पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत एवं भूपेश बघेल के करीबी माने जाते हैं।
- विनय शर्मा: विनय शर्मा भी पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के करीबी नेता हैं। वे नगर निगम में पार्षद रहे हैं। ब्लॉक कांग्रेस में पदाधिकारी हैं।
- दानिश रफीक: दानिश रफीक ने एनएसयूआई से राजनीति की शुरुआत की। वे युकां में रहे। बाद मे अजीत जोगी की पार्टी में भी शामिल हो गए थे। इसके बाद वे कांग्रेस में शामिल हुए। उन्हें अमरजीत भगत का समर्थक माना जाता है।
- दीपक मिश्रा: दीपक मिश्रा पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के बेहद नजदीकी हैं। वे निगम के पूर्व पार्षद भी रह चुके हैं। एनएसयूआई से राजनीति की शुरुआत करने वाले दीपक मिश्रा ने अमरजीत गुट से दावेदारी की है।
- अनिल कर्नल: अनिल कर्नल भी कांग्रेस के पुराने नेता हैं। वे भूपेश बघेल के करीबी माने जाते हैं। अनिल कर्नल के पिता राम सहाय सिंह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे जो राज परिवार के करीबी थे।
- सिद्धार्थ सिंह: उदयपुर के जनपद उपाध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह जिला व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी में लंबे समय तक पदाधिकारी रहे। वे सरगुजा राज परिवार के करीबी माने जाते हैं।
- नरेंद्र सिंह छाबड़ा: सीतापुर के नरेंद्र सिंह छाबड़ा जिला कार्यकारिणी में पदाधिकारी रह चुके हैं। वे अमरजीत भगत के नजदीकी माने जाते हैं।
- भानु प्रताप सिंह: भानु प्रताप सिंह अनुसूचित जनजाति आयोग के वर्तमान में भी अध्यक्ष हैं। वे पूर्व में सूरजपुर के विधायक भी रह चुके हैं। वे भूपेश बघेल के करीबी नेता हैं। भूपेश सरकार में उन्हें आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था। हालांकि उनका प्रभाव क्षेत्र सूरजपुर रहा है।
सिंहदेव गुट का ही दबदबा रहने की उम्मीद
सरगुजा के साथ ही संभाग के सभी जिलों में कांग्रेस के संगठन सृजन में टीएस सिंहदेव गुट का ही दबदबा बने रहने की उम्मीद है। सरगुजा से बालकृष्ण पाठक ही जिलाध्यक्ष बने रह सकते हैं। टीएस सिंहदेव का ब्लाक, जोन और बूथ लेवल की कमेटी में खासा प्रभाव है। यह स्थिति सरगुजा के साथ बलरामपुर, सूरजपुर जिलों में भी है। इसके कारण माना जा रहा है कि तीनों जिलों में जिलाध्यक्ष सिंहदेव की पसंद के ही होंगे।
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