Facebook Twitter Youtube
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
Home » The Bahar Raini ritual was performed by returning the chariot to the royal family. | राज परिवार को रथ लौटाकर निभाई बाहर रैनी रस्म: कमलचंद भंजदेव ने कुटिया में बैठकर खाई नवाखाई, अमेरिकन टूरिस्ट बोले- ब्यूटीफुल फेस्टिवल – Jagdalpur News
Breaking News

The Bahar Raini ritual was performed by returning the chariot to the royal family. | राज परिवार को रथ लौटाकर निभाई बाहर रैनी रस्म: कमलचंद भंजदेव ने कुटिया में बैठकर खाई नवाखाई, अमेरिकन टूरिस्ट बोले- ब्यूटीफुल फेस्टिवल – Jagdalpur News

By adminOctober 4, 2025No Comments4 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
2 1759546657
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email


कुटिया में बैठाकर नए चावल से बनाए गए खीर को खिलाकर बाहर रैनी की रस्म अदा की गई।

75 दिनों तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरे की वैसे तो सभी रस्में अपने आप में महत्वपूर्ण हैं। लेकिन एक रस्म ऐसी है, जिसमें ग्रामीण राजा को सजा देते हैं। इस रस्म का नाम है भीतर रैनी और बाहर रैनी। शुक्रवार की शाम बाहर रैनी की रस्म देर रात तक चली।

.

ग्रामीणों ने बस्तर के राज परिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव को सजा दी। यह सजा थी नवाखाई की। राजा को पूरे शान-शौकत के साथ गांव बुलाया गया। फिर कुटिया में बैठाकर नए चावल से बनाए गए खीर को खिलाकर बाहर रैनी की रस्म अदा की गई। जिसके बाद विजय रथ को लौटाया गया।

विजय रथ चुराकर निभाई थी भीतर रैनी की परंपरा

दरअसल, गुरुवार की देर रात ग्रामीणोंं ने राज महल के सामने से 8 चक्के वाला विजय रथ चुराकर भीतर रैनी की परंपरा निभाई थी। इस रथ को कुम्हड़ाकोट गांव के जंगल में लेकर गए थे। जहां पेड़ों के नीचे रथ को छिपाकर रखा गया था।

राज परिवार को यह रथ लौटाने के लिए शर्त रखी गई थी कि, वे उनके साथ नवाखाई खाएं। बस्तर राज परिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव ने कहा कि, ग्रामीणों ने मुझे सजा दी है कि मैं पूरी शान-शौकत के साथ गांव आऊं और उनके साथ नवाखाई खाऊं। फिर मुझे रथ लौटाएंगे।

महिलाओं ने राज परिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव का पैर धोया।

महिलाओं ने राज परिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव का पैर धोया।

मां दंतेश्वरी को भी लगाया जाता है भोग

कमलचंद भंजदेव ने बताया कि, बाहर रैनी रस्म अदा की गई। नवाखाई की रस्म में बस्तर के असंख्य देवी-देवता शामिल होते हैं। बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी को भी भोग लगाया जाता है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है।

उन्होंने बताया कि, इस बार भी बस्तर रियासत की जमीनों से उपजाऊ चावल और देसी गाय के दूध से खीर बनाया गया। जिसके बाद सभी देवी-देवताओं को भोग लगाया गया।

माड़िया समुदाय के लोग करते हैं रथ की चोरी

सालों से चली आ रही परंपरा के अनुसार, बस्तर के किलेपाल, बास्तानार समेत 55 गांव के माड़िया समुदाय के सदस्य ही रथ की चोरी करते हैं। इस रथ को कुम्हड़ाकोट के जंगल में छिपाकर रखा जाता है। कमलचंद भंजदेव ने बताया कि, ग्रामीणों ने 617 साल पहले सजा के तौर पर राजा को पूरे शान-शौकत, हाथी, घोड़ों के साथ कुम्हड़ाकोट बुलाया था।

नवाखाई खाने के बाद ये ग्रामीण पूरे सम्मान के साथ रथ को खींचकर फिर से राज महल के सामने लाकर खड़ा करते हैं। रथ के आगे राजा चलते हैं और पीछे ग्रामीण रथ को खींचते हैं। तब से यह परंपरा चली आ रही है।

नवाखाई खाने के बाद ग्रामीण रथ को खींचकर फिर से राज महल के सामने खड़ा किया।

नवाखाई खाने के बाद ग्रामीण रथ को खींचकर फिर से राज महल के सामने खड़ा किया।

विदेशों से भी पहुंचे पर्यटक

बस्तर दशहरा को देखने के लिए यूनाइटेड स्टेट अमेरिका से भी 5 पर्यटकों का समूह बस्तर पहुंचा। अमेरिकी लॉयर रिचर्ड लेपर्ड ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि, मैं अपने परिवार और दोस्तों के साथ बस्तर दशहरा को देखने के लिए आया हूं। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मान रहा हूं कि यहां की संस्कृति और इतिहास को जानने का मुझे मौका मिला। मैं बहुत खुश हूं। बस्तर और यहां का फेस्टिवल ब्यूटीफुल है।

अमेरिका से परिवार के साथ बस्तर की परंपरा देखने पहुंचे रिचर्ड लेपर्ड।

अमेरिका से परिवार के साथ बस्तर की परंपरा देखने पहुंचे रिचर्ड लेपर्ड।

रथ देखने उमड़ी लोगों की उमड़ी भीड़

बाहर रैनी की इस परंपरा को देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी। कुम्हड़ाकोट से जब रथ लाया जा रहा था तो आतिशबाजी के साथ राज परिवार के सदस्य और रथ का स्वागत किया गया। इस दौरान कई क्षेत्रीय देवी-देवताओं के देव विग्रह भी इस रस्म में शामिल हुए।

इस दो मंजिला विजय रथ को सैकड़ों ग्रामीणों ने मिलकर खींचा। इधर, जब रथ शहर के अंदर पहुंचा तो शहर की लाइट गुल कर दी गई। इसकी वजह यह रही कि विजय रथ काफी बड़ा है। 2 मंजिला होने की वजह से कहीं हाईटेंशन तार पर न छूू जाए। इसलिए कुछ घंटे तक लाइट बंद रखी गई थी।

बाहर रैनी की इस परंपरा को देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी।

बाहर रैनी की इस परंपरा को देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी।

………………….

इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…

बस्तर दशहरा…ग्रामीणों ने चुराया विजयरथ: भीतर रैनी की रस्म निभाई, हजारों लोगों की जुटी भीड़; रथ के चक्के के नीचे आई कार

बस्तर दशहरा में 8 चक्कों वाले 2 मंजिला विजय रथ की परिक्रमा की थी।

बस्तर दशहरा में 8 चक्कों वाले 2 मंजिला विजय रथ की परिक्रमा की थी।

जगदलपुर में 8 चक्कों वाले 2 मंजिला विजय रथ की परिक्रमा करवाकर बस्तर दशहरा मनाया गया। ये परिक्रमा ही बस्तर दशहरा को दुनिया भर में खास बनाती है। इसके बाद ग्रामीणों ने दशहरे की रात रथ की चोरी कर भीतर रैनी की रस्म निभाई। यह परंपरा करीब 617 सालों से चली आ रही है। पढ़ें पूरी खबर…



<



Advertisement Carousel

theblazeenews.com (R.O. No. 13229/12)

×
Popup Image



Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
admin
  • Website

Related Posts

आत्मानंद स्कूलों के संविदा कर्मचारियों की बैठक:सेवा सुरक्षा, नियमितीकरण और वेतन बढ़ोतरी सहित 12 सूत्रीय मांगों पर चर्चा, सरकार को आंदोलन की चेतावनी

April 21, 2026

जनकपुर में घर में घुसा तेंदुआ, ग्रामीणों में दहशत:एमसीबी जिले में कुछ दिन पहले दो लोगों को किया था घायल

April 21, 2026

RTE एडमिशन में देरी पर हाईकोर्ट नाराज:पूछा- प्रवेश प्रक्रिया में अगस्त बीत जाएगा तो बच्चे पढ़ेंगे कब, राज्य शासन पेश करे एक्शन प्लान

April 21, 2026

Comments are closed.

samvad add RO. Nu. 13766/133
samvad add RO. Nu. 13766/133
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • YouTube
  • Telegram
Live Cricket Match

[covid-data]

Our Visitor

068208
Views Today : 81
Views Last 7 days : 1053
Views Last 30 days : 4154
Total views : 89164
Powered By WPS Visitor Counter
About Us
About Us

Your source for the Daily News in Hindi. News about current affairs, News about current affairs, Trending topics, sports, Entertainments, Lifestyle, India and Indian States.

Our Picks
Language
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • Home
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.