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बालोद स्थित तांदुला जलाशय इस साल पांचवीं बार ओवरफ्लो हो रहा है। शुक्रवार देर रात कैचमेंट एरिया में हुई लगातार बारिश के कारण जलाशय अपने पूरे शबाब पर पहुंच गया और पानी छलकने लगा। जलाशय का जलस्तर बढ़कर 39 फीट तक पहुंच गया है। पानी का बहाव और ओवरफ्लो हो
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तांदुला के ओवरफ्लो होने से तांदुला नदी भी उफान पर हैं। इससे खेतों और जलस्रोतों को पर्याप्त पानी मिल रहा है। तांदुला बांध बालोद, दुर्ग और भिलाई के लिए जीवनदायिनी माना जाता है। यह सिंचाई, पेयजल और औद्योगिक जल जरूरतों को पूरा करता है। भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए भी यह जलाशय प्रमुख स्रोत है।
स्थानीय इतिहासकार और सेवानिवृत्त अधिकारी आर.के. शर्मा ने बताया कि तांदुला का ओवरफ्लो केवल जलभराव नहीं, बल्कि खुशहाली का प्रतीक है। यह क्षेत्र में हरियाली और समृद्धि लाता है। जब तांदुला भरता है, तब खेतों में पानी की पर्याप्त व्यवस्था रहती है और ओवरफ्लो होने से नदी की सफाई होती है।
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