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दिवाली पर्व पर जिले में उत्साह का माहौल रहा है। लेकिन इस दौरान मामूली विवाद में चाकूबाजी व पुरानी रंजिश को लेकर हत्या की घटना सामने आई।
त्योहार के तीन दिन सबसे ज्यादा विवाद अकलतरा व जांजगीर थाने क्षेत्र में हुए है। कुछ जगहों पर विवाद का कारण आतिशबाजी, पुरानी रंजिश, नशा व रुपए बना। अकलतरा क्षेत्र में मोबाइल टूटने पर 7 युवकों ने चाकू से एक युवक पर हमला कर दिया था। पुलिस ने नाबालिग सहित सात आरोपी को पकड़ा था। कोटमीसोनार में दिवाली की रात एक ही हत्या हुई। वहीं त्योहार के दौरान जिले के 11 थाना क्षेत्र में 15 से अधिक मारपीट की घटनाएं हुई है। साल 2024 से लेकर अब तक जिले में करीब 16 से अधिक चाकू हमले दर्ज किए गए हैं। इनमें से कई घटनाएं मामूली विवाद, नशा, पारिवारिक झगड़े और गुटीय रंजिश से जुड़ी रही हैं।
एक मामले में गंभीर चोटों के साथ मौत भी हुई, जबकि बाकी मामलों में पीडितों को समय रहते अस्पताल ले जाकर बचाया गया। रमन नगर निवासी पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी विरेंद्र कुमार सिंह के परिवार पर त्योहार के दौरान युवकों द्वारा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। विरेंद्र कुमार सिंह, जिनका हाल ही में कैंसर का ऑपरेशन हुआ है, त्योहर के दिन दवा लेकर सोए हुए थे। इसी दौरान उनके घर के बाहर शिवम राठौर, राकेश राठौर और अन्य युवक जोर-जोर से पटाखे फोड़ रहे थे। विरेंद्र सिंह के बड़े बेटे प्रफुल्ल सिंह ने युवकों से पिता की तबीयत का हवाला देते हुए पटाखे न फोड़ने की विनती की। इस पर युवक भड़क गए और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर उन्होंने डंडे, रॉड, बेल्ट और चाकू से हमला कर दिया।
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