दुर्ग जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 2 अक्टूबर से विशेष ग्राम सभाएं शुरू हो गई हैं। ये सभाएं 14 अक्टूबर तक चलेंगी। कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इन बैठकों में किसानों को डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी की पूरी प्रक्रिया समझाई जा रही है।
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इन ग्राम सभाओं में पंजीकृत धान के रकबे का पठन किया जा रहा है। जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने के लिए पंचायत भवनों में सूचनाएं भी चस्पा की जा रही हैं। किसानों के एग्रीस्टेक पंजीयन, जमीनों के फॉर्म आईडी और अन्य विवरण भी इन सभाओं में प्रस्तुत किए जा रहे हैं, ताकि किसान अपने रकबे और फसल से जुड़ी सही जानकारी प्राप्त कर सकें।

वाचन के साथ दावा-आपत्ति की प्रक्रिया भी शुरू
गिरदावरी के वाचन के साथ ही दावा-आपत्ति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यदि किसी किसान को रकबे या पंजीयन से संबंधित कोई आपत्ति होती है, तो उसकी जानकारी ऐप पर दर्ज की जाएगी या भौतिक सत्यापन के माध्यम से सुधारी जाएगी। प्रशासन ने सभी दावों और आपत्तियों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

डिजिटल क्रॉप सर्वे किसानों के लिए महत्वपूर्ण
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि यह पहल किसानों के हित में महत्वपूर्ण है। डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी से किसानों को उनकी फसलों के रकबे की सटीक और अद्यतन जानकारी समय पर मिलेगी। इससे भविष्य में बीमा, समर्थन मूल्य खरीदी और अन्य कृषि योजनाओं में पारदर्शिता व सुविधा बढ़ेगी।
विशेष ग्राम सभाओं में किसानों की सक्रिय भागीदारी देखी जा रही है। ग्रामीण किसान अपने पंजीयन की जांच कर रहे हैं और त्रुटि मिलने पर मौके पर ही सुधार की मांग कर रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि इस प्रक्रिया से किसानों में भरोसा बढ़ेगा और योजनाओं का लाभ सीधे वास्तविक किसानों तक पहुंच सकेगा।
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