जशपुरनगर: महिला आरक्षण की आड़ में भाजपा डी लिमिटेशन (परिसीमन) को लागू करना चाहती है। अगर ऐसा नहीं है तो भाजपा 2023 में सर्वसम्मति से पारित महिला आरक्षण बिल को लागू क्यों नहीं करती है? छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष और जिला संगठन प्रभारी भानू प्रताप सिंह ने कहा। वे कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होनें कहा कि कांग्रेस हमेशा से ही महिला आरक्षण के पक्ष में रही है। कांग्रेस 33 प्रतिशत के जगह 50 प्रतिश महिला आरक्षण देने का समर्थन करती है। लेकिन हाल ही में संसद के विशेष सत्र के दौरान भाजपा ने महिला आरक्षण के नाम पर जो भी किया वह उसक एक राजनीतिक स्टंट मात्र था। उन्होनें आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में होने वाले मतदान से ठीक पहले महिला आरक्षण बिल को लेकर विशेष सत्र का आयोजन भाजपा की मंशा को उजागर करता है। भानू प्रताप ने कहा कि इस बिल की आड़ में भाजपा परिसीमन करना का षड़यंत्र कर रही थी। जिससे उत्तर भारत में दक्षिण भारत की अपेक्षा लोकसभा की सीटे बढ़ जाती भाजपा को सीधा राजनीतिक लाभ होता। भाजपा के इस मंसुबे को नाकाम करने के लिए कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों ने एकजुट हो कर भाजपा द्वारा लाए गए महिला आरक्षण बिल के विरोध में मतदान किया। जिससे भाजपा और उसके सहयोगी दलों का राजनीतिक षड़यंत्र विफल हो गया। पत्रकारवार्ता में जिलाध्यक्ष यूडी मिंज,नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष हीरू निकुंज,पूर्व विधायक विनय भगत,पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज सागर यादव,युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रवि शर्मा,तारो सिंह,सहस्त्रांशु पाठक,ब्लाक अध्यक्ष सतीश गुप्ता,किरणकांति सिंह,महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष प्यारी कुजूर सहित कांगे्रस के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।
क्रेडिट का लालच भी नहीं आया काम –
भानू प्रताप सिंह ने कहा कि संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिल पास कराने का क्रेडिट विपक्ष का देने का चारा भी भाजपा के काम नहीं आया। मिडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होनें कहा कि उत्तर और दक्षिण भारत के बीच राजनीतिक दूरी बढ़ाने का काम विपक्ष नहीं बल्कि भाजपा कर रही है। उन्होनें कहा कि भाजपा जो करना चाहती है,उससे दक्षिण भारत को कभी देश का नेतृत्व करने का मौकानहीं मिलेगा। वहीं छत्तीसगढ़ में विशेष विधनासभा सत्र के आयोजन पर उन्होनें कहा कि पहले सरकार को बताना चाहिए कि आखिर किस विषय को लेकर विशेष सत्र का आयोजन किया जा रहा है।
