सिविल जज परीक्षा में बड़ा बदलाव: अब नए आपराधिक कानूनों से पूछे जाएंगे सवाल, इंटरव्यू के अंक भी बढ़े


छत्तीसगढ़ में सिविल जज (लोअर ज्यूडिशियल सर्विस) बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। हाई कोर्ट की अनुशंसा पर राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ निम्नतर न्यायिक सेवा (भर्ती तथा सेवा शर्तें) नियम, 2006 में अहम संशोधन किया है। अब सिविल जज की मुख्य परीक्षा में पुराने कानूनों की जगह हाल ही में लागू हुए नए आपराधिक कानूनों से सवाल पूछे जाएंगे। इसके साथ ही, इंटरव्यू के अंक भी बढ़ा दिए गए हैं। विधि और विधायी कार्य विभाग ने राजपत्र में अधिसूचना जारी कर इन बदलावों को लागू कर दिया है।
प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों में से अब कुल खाली पदों के मुकाबले 1:10 के अनुपात में अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। मुख्य परीक्षा कुल 400 अंकों की होगी, जिसमें 100-100 अंकों के चार वर्णनात्मक प्रश्न पत्र होंगे और हर पेपर के लिए 3 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
पाठ्यक्रम में दूसरा प्रश्न पत्र आपराधिक विधि में किया गया है। अब परीक्षार्थियों को इसमें पुराने कानूनों की जगह नए भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 का अध्ययन करना होगा।
भाषा, अनुवाद और निर्णय लेखन की भी परख तीसरा प्रश्न पत्र भाषा, सामाजिक व कानूनी अवधारणाओं और अनुवाद पर होगा। इसमें 10-10 अंकों के हिंदी-अंग्रेजी व्याकरण, 20-20 अंकों के सामाजिक व कानूनी विषयों पर लेख और 20 अंकों के विधि के अपडेट नॉलेज के मूल्यांकन के साथ ही 10-10 अंकों का हिंदी से अंग्रेजी और अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद पूछा जाएगा।
चौथा प्रश्न पत्र निर्णय लेखन का होगा, जिसमें प्रारूप एवं अभिवचन (सिविल/आपराधिक) के 20 अंक और सिविल व आपराधिक मामलों में निर्णय लिखने के 40-40 अंक निर्धारित किए गए हैं।
इंटरव्यू में 10 नंबर बढ़ाए गए हैं। इंटरव्यू के अधिकतम अंक 15 की जगह 25 कर दिए गए हैं।




