छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सेन समाज ने अवैध स्पा सेंटरों पर रोक लगाने और अपनी आजीविका सुनिश्चित करने की मांग की है। समाज ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें पांच सूत्रीय मांगें रखी गई हैं।
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समाजजनों का कहना है कि सैलून व्यवसाय की आड़ में अवैध स्पा सेंटर चलाए जा रहे हैं, जिससे सेन समाज का पारंपरिक सैलून व्यवसाय प्रभावित हो रहा है और उनकी आजीविका पर संकट आ गया है।

भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग
ज्ञापन में मांग की गई है कि सैलून व्यवसाय में सेन (नाई) समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु शासन द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि उनकी पारंपरिक जीविका सुरक्षित रहे।
साथ ही, सैलून व्यवसाय की आड़ में चल रहे अवैध स्पा सेंटरों की जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए, जिससे व्यवसाय की गरिमा और समाज की प्रतिष्ठा बनी रहे।
अन्य मांगों में केश शिल्पी कल्याण बोर्ड से सेन नाई समाज को वास्तविक लाभ प्रदान करने, शासन द्वारा सैलून कार्य हेतु जारी शासकीय नौकरी (ट्रेडमैन एवं अन्य) में सेन समाज को प्राथमिकता देने और संत शिरोमणि सेन जी महाराज की जयंती पर राजकीय अवकाश घोषित करने की बात कही गई है।
समाज ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आगे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

समस्याओं और मांगों का समाधान
छत्तीसगढ़ सर्व सेन नाई समाज के सदस्यों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी कई समस्याओं और मांगों के समाधान के लिए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील की। उन्होंने सैलून के नाम पर अवैध धंधे और अनैतिक कार्य करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
समाज ने बताया कि सेन नाई समाज पारंपरिक रूप से सैलून व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। यह व्यवसाय उनकी आजीविका का प्रमुख साधन होने के साथ-साथ समाज की सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान भी है।
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