छत्तीसगढ़ के कांकेर में स्कूली बच्चे एक खराब रिक्शे को धक्का लगाने का वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में बच्चे खराब रिक्शे को धक्का लगाते दिख रहे हैं, जबकि चालक अंदर बैठा है। इस घटना को लेकर आम जनता में आक्रोश है और संबंधित विभागों की चुप्पी पर सवाल
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यह वीडियो कांकेर के घड़ी चौक का बताया जा रहा है। इसमें स्पष्ट दिख रहा है कि रिक्शा चालक बच्चों को खराब वाहन को धक्का लगाने के लिए मजबूर कर रहा है और खुद आराम से रिक्शे के अंदर बैठा है। वीडियो वायरल होने के बाद रिक्शा चालक के इस रवैये की कड़ी निंदा की जा रही है।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला पंचायत सदस्य ने उठाए सवाल
इस पूरे मामले पर जिला पंचायत सदस्य मृदुला भास्कर ने शासन-प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर रिक्शे को धक्का लगवाना कितना उचित है, जहां हर कुछ सेकंड में तेज रफ्तार वाहन गुजरते हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि यदि कोई बड़ी दुर्घटना हो जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता। उन्होंने प्रशासन की चुप्पी को निंदनीय बताया।
जिला शिक्षा अधिकारी ने पालकों को बताया जिम्मेदार
जिला शिक्षा अधिकारी रमेश निषाद ने कहा कि बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के लिए रिक्शा लगवाने की अनुमति विभाग की ओर से नहीं दी गई है। यह पालकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखें।
उन्होंने बताया कि स्कूल प्राचार्यों के जरिए पालकों को समझाने की कोशिश की जा रही थी। लेकिन जब उनसे परिवहन या यातायात विभाग से बात करने को कहा गया, तो वे इस पर जवाब देने से बचते नजर आए।
फरवरी 2023 में सड़क हादसे में सात मासूमों की गई थी जान
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब फरवरी 2023 में कांकेर के कोरर थाना क्षेत्र में एक भयावह सड़क दुर्घटना हुई थी। उस हादसे में एक ऑटो-रिक्शा और ट्रक की टक्कर में सात स्कूली बच्चों की मौत हो गई थी, जब वे स्कूल से घर लौट रहे थे।
उस घटना के विरोध में व्यापारियों ने दुकानें बंद कर बच्चों को श्रद्धांजलि दी थी। इसके बाद शिक्षा, परिवहन और यातायात विभाग ने स्कूली बच्चों को रिक्शे में बिठाने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया था। वर्तमान वीडियो इस प्रतिबंध के उल्लंघन और बच्चों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही को दर्शाता है।
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