छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव रही सौम्या चौरसिया के खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने 8000 पन्नों की चार्जशीट पेश किया है। कोयला घोटाला और आय से अधिक संपत्ति मामले में रायपुर की स्पेशल कोर्ट में चालान पेश किया गया। चार्जशीट के म
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जबकि उन्होंने इस दौरान 49.69 करोड़ रुपए की 45 बेनामी संपत्ति खरीदी हैं, जो उनकी आय से 1872 प्रतिशत अधिक है। कई संपत्तियां उन्होंने अपने रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी है। इनके संबंध में एजेंसी ने उनसे हिसाब मांगा, पर कोई जवाब या हिसाब नहीं दिया। एजेंसी ने इन संपत्तियों को अटैच कर लिया है। इस आरोप पत्र पर अब बहस होना है।
सबसे ज्यादा निवेश साल 2019 से 2022 के बीच किया गया है। अधिकारियों ने इसे EOW के इतिहास में आय से अधिक कमाई का सबसे बड़ा केस बताया है।

सौम्या चौरसिया के खिलाफ EOW ने 8000 पन्नों का चालान पेश किया है।
भ्रष्टाचार में पति-रिश्तेदारों को भी साथी बनाया, मां की आय 24.5 लाख, खर्च 27.6 करोड़ रुपए
सौम्या की आय से अधिक संपत्ति की जांच में ईओडब्ल्यू को चौंकाने वाली जानकारी मिली है। सौम्या को 17 साल की नौकरी के दौरान वेतन, बीमा और एफडी से 89.19 लाख रुपए की आय हुई है। इसमें से उन्होंने 27.41 लाख रुपए खर्च किए, जबकि 61.78 लाख रुपए की बचत की।
जबकि सौम्या चौरसिया के नाम पर कोई संपत्ति दर्ज नहीं है। उनकी अधिकांश संपत्तियां पति सौरभ मोदी, मां शांति देवी, फुफेरे भाई अनुराग चौरसिया, बहन के ससुर मनसुख पटेल और कुछ कर्मचारियों के नाम पर खरीदी गई हैं।
ईओडब्ल्यू के अनुसार, सौम्या ने रिश्तेदारों और परिचितों के नाम पर करीब 49 करोड़ रुपए की 54 से अधिक संपत्तियां खरीदीं। इनमें से ईडी ने 39 करोड़ रुपए मूल्य की 29 संपत्तियां कुर्क, जबकि ईओडब्ल्यू ने 8.5 करोड़ रुपए मूल्य की 16 संपत्तियां अटैच की हैं।

परिवार के कई सदस्यों के नाम पर खरीदी संपत्ति
विशेष अदालत में पेश की गई 8000 पन्नों की चार्जशीट में EOW ने बताया कि, सौम्या चौरसिया ने पद पर रहते हुए 49 करोड़ 69 लाख 48 हजार रुपए से अधिक की अवैध कमाई की है। इस आय को उसने अलग-अलग प्रॉपर्टी में इंवेस्ट किया है।
EOW ने बताया कि सौम्या चौरसिया ने अपने 17 साल की सर्विस में सही तरीके से सिर्फ 2 करोड़ 51 लाख रुपए ही कमाए हैं। यानी 1872.86 प्रतिशत कमाई हिस्सा अवैध है।

पहली पोस्टिंग बिलासपुर में हुई थी
सौम्या चौरसिया की पहली पोस्टिंग डिप्टी कलेक्टर के तौर पर बिलासपुर हुई थी। इससे पहले साल 2005 में वो लेखाधिकारी के तौर पर काम कर रही थीं। इसके बाद साल 2019 सीएम कार्यालय में उप सचिव का पद मिला।
कोल लेवी घोटाला केस में ED ने किया था गिरफ्तार
सौम्या चौरसिया को कोयला घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED ने 2 दिसंबर 2022 को गिरफ्तार किया था। हालांकि, वे अभी जमानत पर बाहर हैं। जांच के अनुसार सौम्या ने कथित कोयला घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग की राशि से चल-अचल संपत्तियां अर्जित की थी। जिससे कई बेनामी संपत्ति भी बनाई।
अब आगे क्या होगा ?
विशेष न्यायालय ने चार्जशीट स्वीकार करने के बाद मामले की सुनवाई शुरू होगी। अब EOW के साक्ष्य और दस्तावेजों के आधार पर अदालत में ट्रायल चलेगा। जिसमें सौम्या चौरसिया की बेनामी संपत्तियों की जब्ती, बैंक खातों की जांच और संलग्न व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
अब जानिए क्या है छत्तीसगढ़ का कोयला लेवी घोटाला
ED का दावा है कि छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाला किया गया है। इस मामले में 36 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। ED का आरोप है कि कोयले के परिचालन, ऑनलाइन परमिट को ऑफलाइन करने समेत कई तरीकों से करीब 570 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध वसूली की गई है।
छत्तीसगढ़ में अवैध कोल लेवी वसूली का मामला ईडी की रेड में सामने आया था। दावा है कि, कोल परिवहन में कोल व्यापारियों से वसूली करने के लिए ऑनलाइन मिलने वाले परमिट को ऑफलाइन कर दिया गया था। खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक आईएएस समीर विश्नोई ने 15 जुलाई 2020 को इसके लिए आदेश जारी किया था।

2 पूर्व मंत्रियों, विधायकों समेत 36 पर FIR
ED की रिपोर्ट पर ACB /EOW ने 2 पूर्व मंत्रियों, विधायकों सहित 36 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है। जिस पर अब ACB-EOW की टीम जांच कर रही है। IAS रानू साहू के अलावा IAS समीर विश्नोई, सौम्या चौरसिया, जेडी माइनिंग एसएस नाग और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी को गिरफ्तार किया गया था।

3 IPS सूर्यकांत-सौम्या के संपर्क में थे
ED की चार्जशीट के अनुसार तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल की उप सचिव सौम्या चौरसिया और कोयला कारोबारी सूर्यकांत तिवारी IPS पारूल माथुर, IPS प्रशांत अग्रवाल और IPS भोजराम पटेल के संपर्क में थे। इन अफसरों पर आरोप है कि इन्होंने विभाग की ऑफिशियल जानकारी सूर्यकांत तिवारी को दी।
वहीं IPS पारूल माथुर पर आरोप है कि वे कारोबारी तिवारी के कहने पर कोयला लेकर जा रहे वाहनों पर एक्शन लेती थी। वहीं कॉन्स्टेबल अमित कुमार दुबे पर ED अफसरों की जासूसी करने का आरोप है।


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