भिलाई के खुर्सीपार थाना के सामने शराब भट्टी खोले जाने की तैयारी ने इलाके में बवाल खड़ा कर दिया है। गुरुवार सुबह से ही स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए और शाम तक धरने पर डटे रहे। इस विरोध में महिलाओं से लेकर छात्र-छात्राओं और बुजुर्गों तक ने खुलकर हिस्सा लि
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शराब भट्टी के विरोध में बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
जमकर नारेबाजी, दिन भर डटे रहे लोगों का कहना है कि घनी आबादी और स्कूलों के बीच शराब दुकान खुलने से माहौल बिगड़ेगा। यहां पहले से ही नगर निगम, पुलिस थाना, स्वास्थ्य केंद्र और मंदिर मौजूद हैं। ऐसे में शराब भट्टी समाज के लिए खतरा बनेगी। प्रदर्शनकारियों ने आबकारी विभाग और राज्य शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

धरना प्रदर्शन करने वालों को समझाते पुलिसकर्मी।
महिलाएं बोलीं- बहन-बेटियों की सुरक्षा खतरे में धरना स्थल पर सबसे ज्यादा संख्या महिलाओं की थी। स्थानीय महिला उर्मिला बाई ने कहा कि हमारी बहन-बेटियां स्कूल और बाजार जाती हैं। महिलाएं शाम को टहलने निकलती हैं। अगर शराब दुकान खुली तो छेड़छाड़ और मारपीट की घटनाएं होंगी। हम किसी भी हाल में शराब भट्टी यहां नहीं खुलने देंगे। कई महिलाएं अपने छोटे बच्चों को गोद में लेकर धरना स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि प्रशासन बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है।

मौके पर आबकारी विभाग के अफसर भी पहुंचे।
छात्रों ने भी संभाला मोर्चा धरने में स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। स्कूल ड्रेस में पहुंचे स्कूली छात्र-छात्राओं ने जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने कहा कि दारू भट्टी नहीं चाहिए, स्कूल के पास शराब दुकान बंद करो। छात्रों का कहना था कि यह जगह पढ़ाई और खेलकूद के लिए होनी चाहिए, शराबखोरी के लिए नहीं।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्कूल के विद्यार्थी भी हुए शामिल।
छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल स्कूल से स्पोर्ट्स टीचर अविनाश कश्यप ने कहा कि यहां पर किसी भी हाल में शराब दुकान नहीं खुलना चाहिए। यहां पर आस-पास में चार स्कूल है। यहां से छात्र-छात्राएं आना-जाना करते हैं। ऐसे में अगर इन छात्र-छात्राओं के साथ कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
इधर, स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि किसी भी कीमत पर यहां शराब भट्टी नहीं खुलने देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
हाल ही में मर्डर के बाद तनाव कुछ दिन पहले खुर्सीपार इलाके में शराब के नशे में हत्या की वारदात हुई थी। उसके बाद रात में लोगों ने शराब दुकान बंद करने की मांग को लेकर चक्का जाम कर दिया था। तब प्रशासन ने आश्वासन देकर मामला शांत कराया और दुकान को 200 मीटर आगे शिफ्ट करने की बात कही। लेकिन नई जगह भी स्कूलों और घनी आबादी से घिरी हुई है।
यही कारण है कि अब यहां के लोग भी सड़कों पर उतर आए हैं। स्थानीय युवक सागर राम ने कहा पास में नगर निगम, पुलिस थाना और स्कूल हैं। यहां शराब दुकान खोलकर शांत माहौल को बिगाड़ने की कोशिश हो रही है। हाल ही में हत्या हुई थी, अब प्रशासन चाहता है कि यहां भी वारदात हो।
यहां चाहिए खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम, शराब नहीं प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस जगह पर सांस्कृतिक और खेलकूद गतिविधियों का आयोजन होना चाहिए। यहां बच्चों के खेलने और महिलाओं के टहलने की जगह है, शराब दुकान नहीं। उनका कहना है कि भिलाई में नशे से जुड़ी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। अगर थाने और नगर निगम के सामने ही शराब भट्टी खोल दी गई तो अपराध और भी बढ़ेंगे।
जिम्मेदार अफसर पहुंचे, लेकिन नाकाम धरना-प्रदर्शन की खबर मिलते ही एसडीएम, आबकारी विभाग और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। दो थानों की पुलिस और रिजर्व बल ने हालात संभालने की कोशिश की। लेकिन लोगों का गुस्सा इतना ज्यादा था कि देर शाम तक कोई भी उन्हें समझाने में कामयाब नहीं हो सका। देर रात जारी रहा विरोध प्रदर्शन शराब दुकान को न खोलने को लेकर सुबह 9 बजे से शुरू हुआ प्रदर्शन देर रात तक भी जारी रहा। शाम के वक्त प्रदर्शनकारियों और पुलिस प्रशासन के बची हल्की झड़प जरूर हुई, हालांकि इसके बाद मामला शांत हो गया। शाम 6.30 बजे सीएएफ के जवान चले गए। प्रदर्शन करने वालों ने बताया कि वे कल सुबह फिर 9 बजे इसी स्थान पर धरना देने आएंगे।
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