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बिना चयन परीक्षा के मेरिट के आधार पर होगा चयन
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छत्तीसगढ़ के स्कूलों में दिव्यांग बच्चों के लिए 100 स्पेशल एजुकेटर की सीधी भर्ती की जाएगी। इसके लिए कोई चयन परीक्षा नहीं होगी। यह नियुक्ति मेरिट के आधार पर की जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग के भर्ती और पदोन्नति नियम के प्रावधानों में एक बार के लिए यह छूट देने का निर्णय लिया गया है।
वित्त विभाग से अनुमति के बाद मंगलवार को मंत्रिपरिषद ने शिक्षा विभाग के भर्ती नियम 2019 को शिथिल करते हुए केवल एक बार मेरिट के आधार पर भर्ती की मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस बैठक में सभी 14 मंत्री शामिल हुए।
वहीं, सरकारी कर्मचारियों की आकस्मिक वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण उपलब्ध कराने पर मंत्रिपरिषद ने सहमति दी है। इस संबंध में बैंकों एवं वित्तीय संस्थाओं से प्रस्ताव मंगाने का निर्णय लिया गया है।
आगे की कार्यवाही के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है। वित्त विभाग ने पात्र पाए जाने वाले बैंक/वित्तीय संस्था से संपादित किए जाने वाले एमओयू के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
राज्य सरकार ने राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त-विकास निगम (NDFDC) की 24.50 करोड़ रुपए की बकाया ऋण राशि एकमुश्त चुकाने का निर्णय लिया है। यह राशि NDFDC की ओर से राज्य के दिव्यांगों को 3% ब्याज दर पर शिक्षा और स्वरोजगार के लिए दिए गए ऋण से संबंधित है।
कैबिनेट के ये भी निर्णय
मंत्रिपरिषद की बैठक में राष्ट्रीय दिव्यांग जन वित्त एवं विकास निगम की बकाया ऋण राशि 24 करोड़ 50 लाख 5 हजार 457 रुपए एकमुश्त वापस करने का निर्णय लिया गया है। राष्ट्रीय दिव्यांग जन वित्त एवं विकास निगम के द्वारा राज्य के दिव्यांगजनों को स्वरोजगार और शिक्षा के लिए न्यूनतम 3 प्रतिशत ब्याज की दर से ऋण दिया जाता है।
व्यापमं का इनकार, 31 अक्टूबर से पहले नियुक्ति की कोर्ट की बाध्यता, इसलिए हो रही सीधी भर्ती राकेश पाण्डेय की रिपोर्ट
दिव्यांग बच्चों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पेशल एजुकेटर की भर्ती के लिए 28 जुलाई 2025 को विज्ञापन जारी किया था, लेकिन व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) ने वार्षिक कैलेंडर जारी होने का हवाला देते हुए परीक्षा कराने में असमर्थता जता दी है। जबकि लोक सेवा आयोग ने स्पेशल एजुकेटर के भर्ती को आयोग के कार्यक्षेत्र का नहीं होने के कारण परीक्षा कराने में असमर्थता जाहिर कर दी है।
चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने 31 अक्टूबर से पहले स्कूलों में स्पेशल एजुकेटर (विशेष शिक्षक) की नियुक्ति करने के निर्देश दिए हैं। यही वजह है कि राज्य सरकार ने कैबिनेट में इस प्रस्ताव को लाकर स्कूल शिक्षा विभाग के भर्ती नियम 2019 को शिथिल करते हुए एक बार के लिए मेरिट के आधार पर भर्ती का निर्णय लिया है।
दिव्यांग बच्चों के लिए स्पेशल एजुकेटर के 848 पद मंजूर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को ध्यान में रखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग प्रदेश में दिव्यांग बच्चों के लिए स्पेशल एजुकेटर की नियुक्ति करने जा रहा है। इसके तहत प्राथमिक के लिए 476, उच्च प्राथमिक के लिए 140 और माध्यमिक के लिए 232 पद स्वीकृत किए गए हैं। इस प्रकार पूरे प्रदेश के स्कूलों के लिए कुल 848 पद मंजूर किए गए हैं। फिलहाल, कैबिनेट ने 100 पदों पर मेरिट के जरिए सीधी भर्ती के द्वारा नियुक्ति का निर्णय लिया है।
लोन से मेडिकल इमरजेंसी पूरी हो सकेंगी...
इससे कर्मचारियों को परिवार के किसी सदस्य की मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की शिक्षा और हाउस लोन जैसी आकस्मिक जरूरतों के समय पैसे मिल जाएंगे। कर्मचारियों को कम अवधि के लिए यह राशि नॉमिनल रेट ऑफ इंट्रेस्ट पर दिया जा सकता है। साथ ही राशि को उनके वेतन से आंशिक कटौती के जरिए काटने की व्यवस्था की जा सकती है।
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