![]()
.
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव की तैयारियों के बीच जिला प्रशासन ने दीपावली पर्व और आगामी धान खरीदी सीजन को लेकर भी तैयारी शुरू कर दी है। कलेक्टर दीपक सोनी ने बुधवार को आयोजित बैठक में जहां 2 से 4 नवंबर तक होने वाले तीन दिवसीय जिला स्तरीय राज्योत्सव की रूपरेखा तय की, वहीं सुरक्षा, वेतन भुगतान और किसानों से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया।
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि दीपावली पर्व के दौरान जिले में कानून और शांति व्यवस्था हर हाल में बनाए रखी जाए। सभी एसडीएम और तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्र में शांति समिति की बैठक आयोजित करने कहा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को पहले ही रोका जा सके। इसके साथ ही सड़क किनारे संचालित होने वाले ढाबों और अस्थायी पार्किंग स्थलों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि त्योहार के समय किसी कर्मचारी या अधिकारी का वेतन लंबित न रहे। दीपावली से पहले सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि लंबित वेतन या भुगतान तत्काल निपटाए जाएं। इसी बैठक में कलेक्टर ने धान खरीदी की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खरीदी कार्य इस वर्ष “मिशन मोड” में किया जाए। इसके लिए उपार्जन केंद्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। बारदानों की पर्याप्त उपलब्धता, किसानों के बैठने की व्यवस्था, तौल मशीनों की जांच और सड़क मार्गों की मरम्मत पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन किसानों का अभी तक एग्रीस्टेक पंजीयन नहीं हुआ है, उन्हें जल्द से जल्द पंजीकृत किया जाए ताकि कोई भी पात्र किसान धान बेचने से वंचित न रह जाए। खरीदी प्रक्रिया की रोजाना मॉनिटरिंग होगी और प्रत्येक केंद्र से प्रतिदिन की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से ली जाएगी। राज्योत्सव के अवसर पर विभागीय उपलब्धियों की प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे, लेकिन कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि विकास उत्सव के साथ सुरक्षा और प्रशासनिक सजगता में कोई कमी नहीं आनी चाहिए। बैठक में डीएफओ गणवीर धम्मशील, जिला पंचायत सीईओ दिव्या अग्रवाल, अपर कलेक्टर दीप्ति गौते, अवधराम टंडन, निशा नेताम मड़ावी समेत सभी एसडीएम, जनपद सीईओ और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
<
