राजनीति

पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर का वायरल वीडियो: अधिकारी को कहा- दिखता तो गाड़ देता, वो जानता नहीं हू इज अजय चंद्राकर

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर का एक वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में वे किसानों के लिए खेत में पानी छोड़ने को लेकर एक अधिकारी से फोन पर बात करते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने एक अधिकारी के रवैये को लेकर नाराजगी जताई।

फोन पर बात करते हुए उन्होंने दूसरे अधिकारी से कहा, ‘शर्मा जी दिखता तो वहीं पर गाड़ देता। वो जानता नहीं, हू इज अजय चंद्राकर… कल तो वो रिटायर होगा। चंद्राकर है कोई। ऐसे लोगों को मत भेजा करो, जो प्रशासन की छवि खराब करे। अब किसी को भेजना नहीं है, साहब। पानी छोड़ना।’

बताया जा रहा है कि किसानों की परेशानी को लेकर उन्होंने पानी छोड़ने में देरी पर नाराजगी जताई थी। वायरल वीडियो को लेकर कांग्रेस ने निशाना साधा। संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मंत्रिमंडल से बाहर रहने के बाद चंद्राकर फ्रस्ट्रेटेड हैं। उन्हें एम्स जाकर अपना चेकअप कराना चाहिए।

जानकारी के मुताबिक, मगरलोड क्षेत्र के परेवाडीह गांव के किसानों को फसल के लिए पानी की जरूरत थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के बाद खेतों में जमा पानी भी बह गया था। इसके अलावा नहर का एक हिस्सा टूट गया था। ग्रामीणों का कहना है कि नहर की मरम्मत के दौरान पर्याप्त मिट्टी नहीं डाली गई, जिससे पानी कम छोड़ा जा रहा था।

मगरलोड जनपद अध्यक्ष वीरेंद्र साहू के मुताबिक, करीब 100 एकड़ फसल के लिए पानी की जरूरत थी। इस समस्या की शिकायत जिला पंचायत में की गई थी। इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष ने सिंचाई विभाग से बात की और एक जिम्मेदार अधिकारी को गांव भेजा गया था।

ग्रामीणों के अनुसार, इसी दौरान अधिकारी की ओर से उन्हें ‘नेतागिरी’ करने की बात कही गई। 29 सितंबर को ग्राम परेवाडीह में CRPF जवान के अंतिम संस्कार में विधायक अजय चंद्राकर पहुंचे थे। वहां उन्हें किसानों की पानी की समस्या के बारे में जानकारी दी गई।

इसके बाद उन्होंने सिंचाई विभाग के एक अधिकारी को फोन कर पानी छोड़ने की बात कही। वायरल वीडियो में इसी बातचीत के दौरान विधायक अधिकारी से पानी छोड़ने की बात करते नजर आ रहे हैं। यह पूरा वीडियो ‘ऑफिस ऑफ अजय’ नाम के इंस्टाग्राम पेज पर 2 अक्टूबर को पोस्ट किया गया है।

वायरल वीडियो को लेकर कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने बीजेपी नेतृत्व से इस मामले में ध्यान देने की मांग की। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता अगर अपना मानसिक संतुलन खोएगा तो इसका नुकसान प्रदेश को हो सकता है।

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