राज्य आपूर्ति निगम शहर के राशन दुकानों में तय समय पर चावल नहीं पहुंचा पा रही है। इस वजह से कई वार्डों में लोगों को अभी भी राशन के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। अफसरों का कहना है कि शहर की राशन दुकानें या उनके गोदाम संकरी गलियों में हैं। ऐसे में वहां 30
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गाड़ियां नहीं जा पा रही हैं। इस वजह से अफसर इन दुकानों में छोटे मालवाहकों से चावल और शक्कर पहुंचा रहे हैं। नान के पास राशन सप्लाई के लिए छोटी गािड़यां कम हैं। इस वजह से दुकानों में महीने की शुरुआत में पूरा राशन नहीं पहुंच पा रहा है। नियमानुसार महीने की शुरुआत में पूरा राशन दुकानों तक पहुंच जाना चाहिए। लेकिन अभी समय पर राशन नहीं पहुंचने की वजह से 10 तारीख तक राशन पहुंचाने का काम चलता रहता है।
इधर दूसरी ओर नागरिक आपूर्ति निगम ने रायपुर के डिस्ट्रिक मैनेजर का प्रभार महासमुंद के डीएम को दे दिया है। इस वजह से भी परेशानी और बढ़ गई है। रायपुर औैर महासमुंद दोनों बड़ा जिला होने की वजह से डीएम विनोद कुमार को बार-बार रायपुर आना पड़ रहा है। वे कभी महासमुंद में रहते हैं तो कभी रायपुर में। इस वजह से भी काम प्रभावित हो रहा है। राजधानी होने के बावजूद नान के अफसरों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। रायपुर स्थायी डीएम की नियुक्ति करने के बजाय विभाग वाले प्रभार देकर काम चला रहे हैं। दो जिले का प्रभार एक अफसर को देने के लेकर विभाग में कई तरह की चर्चाएं भी हैं।
भास्कर इनसाइट
राजधानी में 19574 फर्जी राशन कार्डइनमें ज्यादातर एक नाम से दो बार बने
राज्यभर में राशन कार्डों का सत्यापन होने के बाद रायपुर जिले में 19574 फर्जी राशन कार्ड मिले हैं। 30 सितंबर तक केवाईसी कराने के बाद अफसरों को यह जानकारी मिली है। इसमें ज्यादातर राशन कार्ड डुप्लीकेट हैं। यानी एक ही नाम और आधार नंबर से कई राशन कार्ड बनवा लिए गए हैं। उदाहरण के तौर पर परिवार में पांच सदस्य हैं तो पांच नाम से अलग-अलग राशन कार्ड बना लिए गए हैं। इसके अलावा मृत व्यक्तियों के नाम से भी राशन कार्ड चल रहे थे। इन सभी राशन कार्डों को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्यभर में भौतिक सत्यापन होने के बाद अभी तक 1.93 लाख फर्जी सदस्यों की पहचान कर उनके नाम राशन कार्डों से काट दिए गए हैं।
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