नगर निगम की माली हालत इन दिनों ठीक नहीं है। घरों से कचरा उठाने वाले कंपनी का आठ से दस महीने का भुगतान पेंडिंग है। प्लेसमेंट पर सफाई कर्मचारी उपलब्ध कराने वाले ठेकेदारों का भी तीन से चार माह का पेमेंट लंबित है। वार्डों में सिविल काम करने वाले ठेकेदार
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सभी ने जल्द भुगतान न होने पर आगे काम जारी रखने को लेकर अपनी असमर्थता जता दी है। इसे देखते नगर निगम बकायादारों से वसूली के लिए एक्शन मोड में आ गया है। निगम के राजस्व का बड़ा साधन प्रॉपर्टी टैक्स है। इसलिए निगम ने आमतौर पर दिसंबर के बाद शुरू होने वाली वाली कार्रवाइयों को अक्टूबर से पहले ही शुरू कर दिया है।
करीब 300 करोड़ रुपए का राजस्व हासिल करने वाला नगर निगम अपने पूंजीगत खर्चों के लिए आत्मनिर्भर है। करीब 100 करोड़ स्थापना व्यय है। बाकी राशि शहर की मूलभूत सुविधाओं जैसे सड़क, नाली, बिजली, पानी इत्यादि पर खर्च किया जाता है।
संधारण के लिए शासन से फंड मिलता है। इस बार शासन से फंड मिलने में देरी हो गई, इसलिए निगम को बड़े भुगतान करने में दिक्कत आ रही है। ऐसे में नगर निगम अब अपने राजस्व बढ़ाने के लिए एक्शन मोड में आ गया है। निगम कमिश्नर विश्वदीप ने दिसंबर के बाद शुरू होने वाली कार्रवाइयों को अक्टूबर से पहले ही शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
इसी के तहत बड़े बकायादारों की संपत्तियां सील की जा रही हैं। जोन-8 कमिश्नर राजेश्वरी पटेल ने – पिछले दिनों 15 बड़े बकायादारों की संपत्तियां सील कर दी थी। इनमें एक बड़ा नामचीन बिल्डर भी शामिल है। जोन-10 में भी बड़े बकायादारों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। दोनों ही जोन शहर के आउटर के इलाकों में है।

जोन-10 सबसे आगे, एक दिन में 81 लाख जमा कराए
नगर निगम के जोन-10 ने एक ही दिन में 80.59 लाख वसूल डाले। यह सितंबर में अब तक का सबसे ज्यादा राजस्व वसूली है। जोन कमिश्नर विवेकानंद दुबे ने बताया कि बड़े बकायादारों पर सितंबर से दबाव बनाया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 समाप्त होने के बाद टैक्स जमा नहीं करने वाले सभी लोग बकायादार हैं।
इनमें बड़े बकायादारों की संपत्तियां सील की जा रही हैं। इसी का नतीजा है कि एक ही दिन में सबसे ज्यादा 81 लाख रुपए की वसूली हुई। दूसरे नंबर पर जोन-5 है। इस जोन में 30 सितंबर को 24.17 लाख और जोन-2 ने 16.75 लाख तथा जोन-1 ने 14.77 लाख रुपए वसूले। शेष जोनों ने लाख के सिंगल डिजिट में राजस्व वसूले हैं। इस तरह सभी दसों जोन मिलाकर एक दिन में 1.77 करोड़ की राजस्व वसूली हुई है।
टैक्स नहीं तो संपत्ति सील करने का आदेश
राजस्व वसूली के लिए सभी जोनों को निर्देश दिए गए हैं। बड़े बकायादारों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। उनकी संपत्तियां सील की जा रही हैं। टैक्स जमा होने के बाद ही संपत्तियों की सील खोली जा रही है। राजस्व वसूली के साथ ही निगम के लंबित भुगतान भी निबटाए जा रहे हैं। – विश्वदीप, कमिश्नर नगर निगम रायपुर
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