पेंड्रा नगर के हाई स्कूल मैदान में पद्मविभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज की सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा जारी है। 25 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलने वाली इस कथा के चौथे दिन महाराज ने भगवान की भक्ति से जीव के कल्याण का महत्व बताया।
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जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि मनुष्य को व्यर्थ नहीं बैठना चाहिए। समय मिले तो भगवान का स्मरण और पूजा-अर्चना करनी चाहिए, जिससे पुण्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने संसार और भगवान के अंतर को समझाते हुए कहा कि संसार से लगाव लगाने पर लोग एक दिन छोड़ देंगे, लेकिन भगवान से लगाव कभी नहीं छूटता।

श्रीमद्भागवत कथा के महत्व के बारे में जानकारी दी
कथा के दौरान उन्होंने आत्माओं की शांति के लिए श्रीमद्भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डाला। महाराज ने भगवान के विभिन्न अवतारों की कथाएं सुनाईं और बताया कि भगवान अवतार क्यों लेते हैं। उन्होंने बलराम जी और श्रीकृष्ण के कार्यों का भी उल्लेख किया। इस दिन हिरण्याक्ष और भक्त प्रहलाद की कथा भी सुनाई गई।
श्रीमद्भागवत कथा में भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव भी धूमधाम से मनाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने बताया कि माता कौशल्या और शबरी का घर छत्तीसगढ़ है, जहां भगवान राम को माता और मौसी मिली थीं। कथा के दौरान आयोजक समिति मंडल के सदस्यों ने जगद्गुरु का पुष्पमाला से स्वागत किया। भक्तों ने चरण पादुका की पूजा-अर्चना की और प्रतिदिन गुरुदीक्षा भी ली जा रही है।
साथ ही उन्होंने परमेश्वर की 11 अशक्तियों के विषय का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान की आसक्तियां ही भक्ति का रूप ले लेती हैं। वहीं उन्होंने बताया कि भगवान की भक्ति करने से ही इस संसार में जीव का कल्याण होता है।
इस अवसर पर सीजीएम विशेष न्यायाधीश पेंड्रारोड महेश बाबू साहू, जिले के मुख्य चिकित्सा एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा, श्वेता अग्रवाल, दीपक मिश्रा, निकिता तिवारी, सत्यकला रामटेके और संजीव शुक्ला सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे और कथा का श्रवण किया।


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