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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा का नया भवन अब प्रदेश का भाग्य लिखने के लिए तैयार है। उन्होंने भगवान राम की अवधारणा को श्लोकों के माध्यम से समझाते हुए भगवानराम को राष्ट्र और समाज से सीधा जोड़ा। प्रधानमंत्री ने विधानसभा के उद्घा
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भगवान श्रीराम इस धरती के भांजे हैं। इस नए परिसर में श्रीराम के आदर्शों को याद करने का इससे बेहतर दिन और क्या होगा। भगवान राम के आदर्श, हमें सुशासन की सीख देते हैं।
मोदी ने कहा कि अयोध्या में राममंदिर की प्राणप्रतिष्ठा के समय, हम सभी ने देव से देश और राम से राष्ट्र का संकल्प लिया था। हमें याद रखना है, सबका साथ, सबका विकास की भावना से शासन। जहां कोई ना गरीब हो, ना कोई दुखी हो, जहां भारत गरीबी से मुक्त होकर आगे बढ़े।
बीमारियों से असमय मृत्यु ना हो, यानी स्वस्थ और सुखी भारत का निर्माण हो। हमारा समाज ऊंच नीच के भाव से मुक्त हो, और हर समाज में सामाजिक न्याय की स्थापना हो। उन्होंने कहा कि राम से राष्ट्र का एक अर्थ ये भी है कि मानवता विरोधी ताकतों का, आतंक के विनाश की प्रतिज्ञा! और यही तो हमने ऑपरेशन सिंदूर में देखा है।
मेरे जीवन को गढ़ने में छत्तीसगढ़ का बड़ा आशीर्वाद मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा के लिए आज का दिन एक स्वर्णिम शुरुआत का दिन है और उनके लिए व्यक्तिगत तौर पर यह बहुत ही सुखद और अहम दिन है। बीते कई दशकों से इस भूमि से बहुत आत्मीय नाता रहा है। एक कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने छत्तीसगढ़ में बहुत समय बिताया।
उनके जीवन को गढ़ने में यहां के लोगों और यहां की भूमि का बड़ा आशीर्वाद रहा है। मोदी ने कहा कि कभी यह राज्य नक्सलवाद और पिछड़ेपन से पहचाना जाता था। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आज विकास की लहर और सुकून की मुस्कान लौट आई है।
आज इस भव्य विधानसभा के साथ-साथ अटल जी की प्रतिमा का भी अनावरण हुआ है, तो मन कह उठता है। मेरे भाव व्यक्त हो रहे हैं। अटल जी जहां भी हों… अटल जी, देखिए, आपका सपना साकार हो रहा है। आपका बनाया हुआ छत्तीसगढ़ आज आत्मविश्वास से भरा है, विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। ( प्रतिमा अनावरण के बाद नरेंद्र मोदी)
रविशंकर शुक्ल से लेकर सभी को याद किया मोदी ने कहा कि इस अंचल से संविधान सभा के सदस्य रहे रविशंकर शुक्ल, बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल, घनश्याम सिंह गुप्त, ईश्वरी मोहन त्रिपाठी, रामप्रसाद पोटाई और रघुराज सिंह जैसे महापुरुषों को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं। तब के काफी पिछड़े रहे इस क्षेत्र से दिल्ली पहुंचकर बाबा साहेब के नेतृत्व में संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
किसान, युवा, महिला सबके हित में निर्णय हो मोदी ने कहा कि इस सदन में हमारा हर निर्णय ऐसा होना चाहिए, जो किसान की मेहनत को सम्मान दे, युवाओं के सपनों को दिशा दे, नारीशक्ति के जीवन में नई आशा की किरण लेकर आए, और समाज में अंत्योदय का माध्यम बने। विधानसभा केवल कानून बनाने का स्थान नहीं, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के भाग्य निर्माण का प्रखर केंद्र है।
मोदी के भाषण की खास बातें
पहली विधानसभा की बैठक राजकुमार कॉलेज के जशपुर हॉल में हुई थी। आज 25 साल बाद वही लोकतंत्र, वही जनता एक आधुनिक, डिजिटल और आत्मनिर्भर भवन का उद्घाटन कर रही है। {बस्तर आर्ट की सुंदर झलक, कुछ महीने पहले थाईलैंड के प्रधानमंत्री को उन्होंने यही भेंट की थी।
दीवारों में बाबा गुरु घासीदास का मनखे-मनखे एक समान का संदेश {यहां माता सबरी की सिखाई अतिथ्य भावना है। {कुर्सी में संत कबीर की सिखाई सच्चाई और निडरता का भाव है और नींव में महाप्रभु वल्लभाचार्य का बताया नर सेवा, नारायण सेवा का संकल्प। {विधानसभा में भी मुरिया दरबार की परंपरा को स्थान मिला है।
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