![]()
रायपुर राजधानी और आसपास के इलाकों में 700 से ज्यादा प्ले स्कूल संचालित हो रहे हैं, लेकिन इनमें से अब तक सिर्फ 53 स्कूलों का ही पंजीयन हो पाया है। हालांकि स्कूलों के पास अब भी लगभग दो महीने का वक्त है। इसके बाद गैर-पंजीकृत स्कूलों पर कार्रवाई हो सकती
.
रजिस्ट्रेशन मैंडेटरी, लेकिन निगरानी नहीं
शासन ने प्ले स्कूलों के लिए पंजीयन अनिवार्य किया है, ताकि बच्चों की सुरक्षा, पढ़ाई की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें। इसके बावजूद अधिकांश प्ले स्कूल बिना अनुमति और तय मानकों के संचालित हो रहे हैं।
विभाग के पास पूरी जानकारी ही नहीं
शिक्षा विभाग के पास स्पष्ट आंकड़े तक उपलब्ध नहीं हैं कि राजधानी में कुल कितने प्ले स्कूल चल रहे हैं। जानकारी के अभाव में न तो नियमित निगरानी हो पा रही है और न ही कार्रवाई। अब तक सिर्फ 25 स्कूलों की ही जांच हो पाई है।
जांच के दौरान कई जगहों पर
- एक कमरे में 100 से ज्यादा बच्चे।
- अप्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति।
- फायर सेफ्टी, सीसीटीवी और सुरक्षा इंतजामों की कमी।
- स्वच्छता और बच्चों के अनुकूल वातावरण का अभाव जैसी गंभीर खामियां सामने आई हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी बोले – कार्रवाई की जाएगी
इस मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी का हिमांशु भारती का कहना है कि प्ले स्कूलों का पंजीयन लगातार जारी है। अब तक 53 से अधिक स्कूलों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद शासन की गाइडलाइन के अनुसार जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
पहली बार बनी SOP, फिर भी पालन नहीं
शिक्षा विभाग ने पहली बार प्ले स्कूलों के संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाई है। इसके तहत बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना जरूरी है। हालांकि, SOP लागू होने के बावजूद नियमों का पालन होता नहीं दिख रहा।
कार्रवाई को लेकर स्पष्ट नीति नहीं
एसओपी में कार्रवाई का प्रावधान तो है, लेकिन नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे, इसे लेकर अब तक स्थिति साफ नहीं है। यही वजह है कि बिना पंजीयन चल रहे स्कूलों पर शिकंजा कसता नजर नहीं आ रहा।
हर 20 बच्चों पर एक टीचर और एक आया होना जरूरी
नियमों के मुताबिक हर प्ले स्कूल में 20 बच्चों पर एक टीचर और एक आया मैंडेटरी है। कैंपस में सीसीटीवी कैमरा, सुरक्षाकर्मी का भी होना जरूरी है। जेंडर के अनुसार टॉयलेट्स अलग-अलग होने चाहिए। 3 से 4 घंटे से ज्यादा स्कूल नहीं लगेगा।
लाइब्रेरी भी होना जरूरी है। सभी बच्चों का अटेंडेंस भी लगाना जरूरी है।
प्ले स्कूल में दाखिले के ये होंगे नियम
- उम्र का नियम – 3 साल से कम उम्र के किसी भी बच्चे को प्ले स्कूल में दाखिला नहीं दिया जाएगा।
- फीस का नियम – प्ले स्कूल की फीस सरकार तय करेगी या उसके अनुसार नियंत्रित होगी। फीस केवल महीने या तीन महीने (क्वार्टर) के आधार पर ही ली जा सकती है। एक साथ पूरे साल की नहीं।
- कैपिटेशन फीस और स्क्रीनिंग नहीं – दाखिले के समय प्ले स्कूल कोई अतिरिक्त पैसा (कैपिटेशन फीस) नहीं ले सकता। बच्चे या उसके माता-पिता से कोई टेस्ट, इंटरव्यू या स्क्रीनिंग भी नहीं ली जा सकती।
- नियम न मानने पर कार्रवाई – अगर कोई प्ले स्कूल नियम (2) या (3) का पालन नहीं करता, तो कार्रवाई संभव है। लेकिन ये कार्रवाई क्या होगी इसका उल्लेख नहीं है।
समिति का गठन करना अनिवार्य, इनमें 75 प्रतिशत महिलाएं होंगी
स्कूलों को विद्यालय पालक शिक्षण समिति (PTA) का गठन करना होगा। समिति का गठन स्कूल शुरू होने के 1 महीने के भीतर किया जाएगा। ये समिति 1 साल के लिए मान्य होगी। इस समिति में 75 प्रतिशत पेरेंट्स और 25 प्रतिशत टीचर होंगे।
समिति में कुल सदस्यों की संख्या 12 होगी। इसका अध्यक्ष कोई पेरेंट्स ही होगा। पेरेंट्स में भी 75% महिलाएं होंगी। हर क्लास के पेरेंट्स का समिति में होना अनिवार्य होगा। इस समिति की हर तीन महीने में बैठक होगी।
प्ले स्कूल को रजिस्ट्रेशन देने की ये होगी प्रक्रिया
1. आवेदन की जांच – प्ले स्कूल की ओर से सबसे पहले रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करना होगा। इसके बाद उस एप्लिकेशन की जांच होगी।
2. निरीक्षण टीम का गठन – जो आवेदन योग्य पाए जाएंगे, उनके लिए दो या अधिक सदस्यों की एक टीम बनाई जा सकती है। सामान्यत: यह टीम ब्लॉक-लेवल से ऊपर के अधिकारियों की होती है। इस टीम का काम प्रस्तावित प्ले स्कूल या पहले से चल रहे प्ले स्कूल का स्थल (Location) पर जाकर निरीक्षण करना है।
3. निरीक्षण रिपोर्ट जमा करना और मान्यता देना – निरीक्षण टीम अपने दौरे की रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में तैयार करके संबंधित अधिकारी को देगी। रिपोर्ट मिलने के बाद, यदि अधिकारी को लगता है कि प्ले स्कूल सभी आवश्यक शर्तें पूरी करता है तो वह रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी करेगा।
इस प्रमाणपत्र में सीटों की संख्या भी लिखी होती है। रजिस्ट्रेशन सामान्यत: एक साल के लिए दी जाती है। आवेदन मिलने के एक महीने के भीतर जारी किया जाता है।
4. हर साल नवीनीकरण – प्ले स्कूल को हर साल इस मान्यता प्रमाणपत्र के नवीनीकरण के लिए आवेदन करना होता है।
5. सभी नियम पूरे करने पर ही नवीनीकरण – नवीनीकरण तभी किया जाएगा जब प्ले स्कूल सभी बुनियादी आवश्यकताओं और नियमों को सही तरह से पूरा करता होगा।
<
