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धमतरी में एक सर्राफा व्यापारी के साथ 70 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि पीडब्ल्यूडी विभाग में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हेमंत सोनी बिक्री के लिए दिए गए सोने के जेवर लेकर फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला धमतरी शहर का है। शिकायतकर्ता सर्राफा व्यापारी जसराज जैन ने पुलिस को बताया कि आरोपी हेमंत सोनी के पिता चिंतामणि सोनी पिछले करीब 40 वर्षों से उनकी दुकान में कारीगर के रूप में कार्यरत थे। लंबे समय से पारिवारिक और कारोबारी संबंध होने के कारण हेमंत पर भी भरोसा किया जाता था और उसे ग्राहकों को दिखाने तथा बिक्री के लिए सोने के आभूषण दिए जाते थे। आरोपी 13 सोने के हार ले कर निकला वापस नहीं लौटा व्यापारी के अनुसार, फरवरी माह में दिए गए जेवरों में ही करीब 19 लाख रुपये का बकाया चल रहा था। इसके बाद 2 मार्च को हेमंत सोनी लगभग 51 लाख रुपये मूल्य के 13 सोने के हार बिक्री के लिए लेकर गया, लेकिन वह वापस नहीं लौटा। मोबाइल बंद कर हुआ फरार शिकायत में बताया गया है कि शुरुआती दिनों में आरोपी लगातार बहाने बनाता रहा और जल्द हिसाब करने की बात कहता रहा। बाद में उसने संपर्क करना बंद कर दिया और उसका मोबाइल फोन भी बंद हो गया। व्यापारी का आरोप है कि हेमंत सोनी कुल 70 लाख 1 हजार 603 रुपये मूल्य के सोने के जेवर और रकम लेकर फरार हो गया। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज जसराज जैन की शिकायत के आधार पर धमतरी सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी हेमंत सोनी के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पहले से दर्ज है गुमशुदगी एडिशनल एसपी शैलेंद्र पांडे ने बताया कि आरोपी हेमंत सोनी के संबंध में कोतवाली थाने में पहले से गुमशुदगी दर्ज है। वह लोक निर्माण विभाग (PWD) में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश जारी है। जांच के केंद्र में कई सवाल इस मामले में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने जेवरों को कहीं बेचा है या गिरवी रखा है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह अकेले इस धोखाधड़ी में शामिल था या किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका रही है। करोड़ों के करीब पहुंचने वाली इस धोखाधड़ी ने शहर के सर्राफा कारोबारियों में भी चिंता बढ़ा दी है।
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