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दुर्ग में एक कारोबारी ने अपने रिश्तेदार पर फर्जी दस्तावेज बनाकर खुद को उसका बेटा बताने और संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। मामले में न्यायालय के आदेश के बाद मोहन नगर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल समेत कई धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला कृषि उपज मंडी धमधा नाका में फल व्यवसाय करने वाले कैलाश माखीजा से जुड़ा है। उन्होंने न्यायालय में पेश परिवाद में बताया कि आरोपी मुकेश लालवानी उनका रिश्तेदार है। मुकेश के पिता की मृत्यु के बाद उसकी पारिवारिक और आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्होंने उसे अपने साथ दुर्ग लाकर रखा था। शुरुआती दिनों में मुकेश उनके व्यवसाय में मदद करता था। कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि मुकेश दुकान के नाम पर व्यापारियों और ग्राहकों से पैसे लेता था, लेकिन वह रकम दुकान में जमा नहीं करता था। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ। इसके बाद उन्होंने मुकेश को अपने व्यवसाय से अलग कर दिया। बाद में मुकेश ने मंडी में ही अपनी अलग दुकान शुरू कर ली। खुद को बेटा बताकर फैला रहा था भ्रम
कैलाश माखीजा ने आरोप लगाया कि व्यवसाय से अलग होने के बाद भी मुकेश उनके बारे में गलत बातें फैलाता रहा। इसी दौरान कुछ व्यापारियों ने उन्हें बताया कि मुकेश खुद को उनका बेटा बताता है। जब उन्होंने इस बारे में मुकेश से बात की तो उसने कथित रूप से कहा कि उसने अपने पहचान संबंधी दस्तावेजों में कैलाश माखीजा का नाम पिता के रूप में दर्ज करा लिया है और भविष्य में उनकी संपत्ति और दुकान पर अधिकार जमा लेगा। दस्तावेजों में भी अपना नाम चेंज करवाया
शिकायतकर्ता के अनुसार इस जानकारी के बाद उन्होंने दस्तावेजों की जांच कराई। जांच में पता चला कि मुकेश ने आधार कार्ड और बैंक खाते में अपना नाम मुकेश माखीजा तथा पिता का नाम कैलाश माखीजा दर्ज कराया है। जबकि उसका वास्तविक नाम मुकेश लालवानी है और उसके पिता का नाम स्वर्गीय श्रीचंद लालवानी है। परिवाद में यह भी कहा गया है कि नगर निगम राजनांदगांव के जन्म रिकॉर्ड में मुकेश का जन्म 25 अप्रैल 1990 को श्रीचंद लालवानी के पुत्र के रूप में दर्ज है। इसके अलावा उसके स्कूल रिकॉर्ड में भी पिता का नाम श्रीचंद लालवानी और माता का नाम कंचन लालवानी दर्ज है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने कभी भी मुकेश को कानूनी रूप से गोद नहीं लिया। गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी गई
कैलाश माखीजा ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने मुकेश से दस्तावेजों में सुधार करने और पुराने लेन-देन का हिसाब मांगा तो उसने उनके और उनके बेटे अंकित के साथ गाली-गलौज की। साथ ही जान से मरवाने की धमकी भी दी। इससे पूरा परिवार डरा हुआ है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने 23 दिसंबर 2023 को मोहन नगर थाने में लिखित शिकायत दी थी। इसके बाद 26 दिसंबर 2023 को पुलिस अधीक्षक दुर्ग को भी शिकायत भेजी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर अब अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस अब दस्तावेजों की जांच, बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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