सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) पर जूता फेंकने वाले अधिवक्ता पर कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार को भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने भिलाई के सुपेला स्थित घड़ी चौक पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर और तख्तियां लेकर न
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सुपेला के घड़ी चौक पर प्रदर्शन करते भीम आर्मी के कार्यकर्ता।
तीन मामलों को लेकर किया प्रदर्शन भीम आर्मी ने मंगलवार को भिलाई के सुपेला चौक पर तीन प्रमुख मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इनमें सबसे पहले भारत के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के साथ अभद्र व्यवहार, बाबा साहब पर टिप्पणी और हरियाणा कैडर के आईपीएस के आत्महत्या के मामले शामिल है। इन तीनों ही मामलों पर कार्रवाई की मांग को लेकर भीम आर्मी ने सड़कों पर जमकर नारेबाजी की।

विरोध प्रदर्शन के दौरान जमकर की गई नारेबाजी।
सीजेआई के अपमान से पूरा देश स्तब्ध भीम आर्मी भारत एकता मिशन के दुर्ग जिले के पदाधिकारी राहुल गौड़ ने कहा कि एक अधिवक्ता द्वारा सीजेआई पर जूता फेंकने की घटना से पूरा देश स्तब्ध है। यह हमला केवल मुख्य न्यायाधीश पर नहीं, बल्कि भारतीय संविधान और न्यायपालिका की गरिमा पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि यह कृत्य देश की न्याय व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश है और इससे लोकतंत्र की नींव को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उठी मांग भीम आर्मी दुर्ग जिला के पूर्व महासचिव निशांत कुमार ने कहा कि आरोपी अधिवक्ता को अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं है, जो उसकी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अगर देश के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा होता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने आरोपी अधिवक्ता के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की, तो भीम आर्मी व्यापक आंदोलन शुरू करेगी।
सभी समाज को एकजुट होने की अपील प्रदर्शनकारियों में शामिल स्वप्निल बंसोड़ ने कहा कि यह घटना दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक और आदिवासी समाज के प्रति घृणित मानसिकता को दर्शाती है। उन्होंने संविधान की रक्षा और न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की। भीम आर्मी ने कहा कि संविधान और न्यायपालिका की गरिमा से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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