Facebook Twitter Youtube
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
Home » Play schools are free to do their own thing… no hassle of recognition, no fee limits, they can operate anywhere. | प्ले स्कूल मर्जी के मालिक…: न मान्यता का झंझट, न फीस सीमा, कहीं भी चल रहे – Raipur News
Breaking News

Play schools are free to do their own thing… no hassle of recognition, no fee limits, they can operate anywhere. | प्ले स्कूल मर्जी के मालिक…: न मान्यता का झंझट, न फीस सीमा, कहीं भी चल रहे – Raipur News

By adminOctober 2, 2025No Comments3 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
orig 1bilaspur city pg31 02cecc401 4352 4588 8d3b 21f4d 1759365483
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email



orig 1bilaspur city pg31 02cecc401 4352 4588 8d3b 21f4d 1759365483

राजधानी रायपुर समेत प्रदेशभर में प्ले स्कूल चल रहे हैं। पर ये अपनी मर्जी के मालिक हैं। निजी स्कूलों की फीस पर लगाम लगाने के लिए कुछ साल पहले छत्तीसगढ़ निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम लागू किया गया। लेकिन यह नियम प्ले स्कूलों पर लागू नहीं है। इस व

.

इसी तरह नियम नहीं होने की वजह से इन स्कूलों को शिक्षा विभाग से मान्यता भी नहीं लेनी पड़ती है। ये गली-मोहल्लों से लेकर भव्य इमारतों में चल रहे हैं और मनमानी फीस वसूल रहे हैं। इससे पैरेंट्स परेशान हैं। प्रदेश के प्री प्राइमरी स्कूलों की शिकायत शिक्षा विभाग के अफसरों तक पहुंची, लेकिन नियम न होने का हवाला देते हुए कोई कार्रवाई नहीं की गई।

इस मामले में भास्कर को पड़ताल में पता लगा कि प्रदेश में निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम 2020 लागू है। स्कूल हर साल कितनी फीस बढ़ा सकते हैं, सब इस अधिनियम में है। वहीं प्री प्राइमरी यानी प्ले स्कूल नर्सरी, पीपी-1 और पीपी-2 के लिए 50 हजार से सवा लाख रुपए तक ले रहे है। यानी इनकी फीस इंजीनियरिंग, फार्मेसी, बीएड से भी अधिक है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे स्कूल जहां नर्सरी से पढ़ाई शुरू होती है और 10वीं या 12वीं तक की कक्षाएं संचालित हैं, वहां परेशानी नहीं है। परेशानी वहां है, जहां सिर्फ प्री-प्राइमरी है।

मध्यप्रदेश, गुजरात की तरह प्ले स्कूल के नियम बनाना जरूरी

छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता का कहना है कि प्ले स्कूल के लिए छत्तीसगढ़ में नियम बनाना इसलिए जरूरी है, क्योंकि अभी यह स्कूल किसी नियम से बंधे नहीं हैं। जो नर्सरी से दसवीं या बारहवीं चला रहे हैं वहां कोई परेशानी नहीं है। लेकिन जहां सिर्फ प्री प्राइमरी है वहां परेशानी है। देश के कुछ राज्यों जैसे मप्र, गुजरात आदि में प्ले स्कूल संचालन के लिए नियम हैं, लेकिन वह महिला बाल विकास के पास है। यहां भी नियम बनने चाहिए।

आरटीई के दायरे में भी नहीं, इसलिए परेशानी

शिक्षा का अधिकार आरटीई के दायरे में 6 से 14 साल तक के बच्चे आते हैं। यह कानून 2009 में आया और प्रदेश में 2010 से लागू है। इसके अनुसार निजी स्कूलों की 25 फीसदी सीटें गरीब बच्चों के लिए आरक्षित हैं। प्री-प्राइमरी में पढ़ने वाले बच्चों की उम्र छह साल से कम रहती है, इसलिए यह नियम प्ले या प्री-प्राइमरी स्कूलों में लागू नहीं होता है।

सत्र 2024-25 तक यह फीस ली गई

  • बी.फार्मेसी : 70 हजार से 80 हजार प्रतिवर्ष।
  • डी.फार्मेसी : 60 हजार से 65 हजार प्रतिवर्ष।
  • बीएससी नर्सिंग : 55 हजार रुपए से 59 हजार प्रतिवर्ष।
  • बीएड: 60 से 65 हजार रुपए प्रतिवर्ष।
  • बीई : 70 से 80 हजार रुपए सालाना।

^जो स्कूल नर्सरी के साथ कक्षा पहली से लेकर आठवीं, दसवीं या बारहवीं तक संचालित है उसको मान्यता दे रहे हैं। जहां सिर्फ प्री-प्राइमरी है उन स्कूलों को हम मान्यता नहीं देते। –हिमांशु भारती, जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर



<



Advertisement Carousel

theblazeenews.com (R.O. No. 13229/12)

×
Popup Image



Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
admin
  • Website

Related Posts

नई सूची जारी करने वाले मंडल अध्यक्ष पहुंचे बीजेपी कार्यालय:बंद कमरे में हुई महामंत्री और मंडल अध्यक्षों की बैठक, आलाकमान के पाले में फैसला

April 21, 2026

कोरबा में सड़क हादसा, दंपति की मौके पर मौत:दशगात्र कार्यक्रम में जा रहे थे, भारी वाहन ने मारी टक्कर

April 21, 2026

गरियाबंद में प्रगणकों को लू से बचाने बांटे गए प्याज:फील्ड प्रैक्टिकल से पहले टॉवेल दिया गया और नींबू पानी पिलाया गया

April 21, 2026

Comments are closed.

samvad add RO. Nu. 13766/133
samvad add RO. Nu. 13766/133
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • YouTube
  • Telegram
Live Cricket Match

[covid-data]

Our Visitor

068206
Views Today : 79
Views Last 7 days : 1051
Views Last 30 days : 4152
Total views : 89162
Powered By WPS Visitor Counter
About Us
About Us

Your source for the Daily News in Hindi. News about current affairs, News about current affairs, Trending topics, sports, Entertainments, Lifestyle, India and Indian States.

Our Picks
Language
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • Home
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.