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छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में 43 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच जनगणना के फील्ड प्रैक्टिकल में शामिल प्रगणकों को लू से बचाने के लिए खास व्यवस्था की गई। तहसीलदार ने उन्हें प्याज और सफेद टॉवेल दिए। साथ ही नींबू शरबत का भी प्रबंध किया गया, ताकि वे गर्मी से सुरक्षित रह सकें। यह पहल जनगणना 2027 की तैयारी के तहत की गई है। 1 मई से 30 मई तक मकान सूचिकरण और डिजिटल डेटा कलेक्शन कार्यक्रम होना है। इसके लिए तकनीकी दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से देवभोग तहसील में दूसरे चरण का फील्ड प्रैक्टिकल कराया गया। घोघर और लाटापारा गांव में 50-50 प्रगणक अभ्यास के लिए पहुंचे थे। तहसीलदार ने खुद संभाली जिम्मेदारी गांव में जाने से पहले तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने अपनी टीम के साथ लाटापारा में प्रगणकों को टॉवेल और प्याज दिए। उन्हें नाश्ता कराया गया और लौटने पर नींबू शरबत पिलाया गया, ताकि कोई भी डिहाइड्रेशन का शिकार न हो। इस दौरान जनगणना प्रभारी विजय कश्यप, मास्टर ट्रेनर सुशील अवस्थी और गिरीश चंद्र बेहेरा भी मौजूद रहे। “कर्मी भी उतने ही महत्वपूर्ण” तहसीलदार चंद्रवंशी ने कहा कि यह अभियान जितना जरूरी है, उतने ही जरूरी इसमें काम करने वाले लोग भी हैं। उन्होंने कहा कि तेज गर्मी में काम करते समय प्रगणकों की सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। मई महीने में चलने वाले पूरे अभियान में भी इसी तरह की तैयारी रखी जाएगी। प्रशिक्षण अवधि में प्रतिदिन 400 रुपए निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार पूरे अभियान में शामिल प्रगणकों को 25 हजार रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा। प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) के दौरान प्रगणकों को प्रति दिन 400 रुपये का मानदेय भी दिया जाएगा। पेपरलेस कार्य, एंड्रॉयड 12 अनिवार्य सभी प्रगणकों को पेपरलेस तरीके से अपने मोबाइल के माध्यम से काम करना होगा। इसके लिए एंड्रॉयड 12 वर्जन का होना अनिवार्य किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने वाले कई प्रगणकों के पास एंड्रॉयड 12 वर्जन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उन्हें नया मोबाइल खरीदना पड़ रहा है। नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई जारी आदेश के मुताबिक, नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रगणकों पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। दोष सिद्ध होने पर अधिकतम 3 साल की कारावास सजा का भी प्रावधान रखा गया है।
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