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नगर का एकमात्र खेल मैदान, लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम, इन दिनों नशेड़ियों के अड्डे में तब्दील हो चुका है। शाम होते ही युवा यहां समूह में जुटना शुरू कर देते हैं और देर रात तक शराब और नशीले कफ सिरप का सेवन करते हैं। खुलेआम नशाखोरी के कारण मैदान की स्थिति बदतर हो गई है। परिसर में चारों ओर खाली शराब की बोतलें और दवाओं की शीशियां बिखरी पड़ी रहती हैं।
यह मैदान घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित है, जिसके आसपास हाईस्कूल, छात्रावास और तहसील कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थान हैं, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी इस ओर उदासीन हैं। स्थानीय निवासियों और खिलाड़ियों का कहना है कि यह नगर का एकमात्र खेल मैदान है, जो अब अराजक तत्वों के कारण असुरक्षित हो गया है। खिलाड़ियों ने चंदा इकट्ठा करके मैदान को खेलने लायक बनाया था, लेकिन असामाजिक तत्वों ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। मैदान के आसपास रह रहे लोगों ने कई बार इसका विरोध किया, लेकिन नशे की हालत में मौजूद युवक उन्हें धमकाते हैं, जिससे लोग भय के माहौल में जी रहे हैं। उनका आरोप है कि अधिकारी केवल तभी मैदान में दिखते हैं जब कोई शासकीय या राजनीतिक आयोजन होता है, जिसके बाद फैली गंदगी भी समय पर साफ नहीं कराई जाती। थाना प्रभारी सीएस चन्द्रा ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही टीम भेजकर ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाएगा। खिलाड़ियों और निवासियों ने मांग की है कि मैदान को सुरक्षित बनाने के लिए नियमित पुलिस गश्त, सीसीटीवी कैमरे और रात में गेट बंद करने की व्यवस्था की जाए।
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