NSUI Jagdalpur University Recruitment Controversy

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शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, जगदलपुर में साल 2025 की शैक्षणिक नियुक्तियों और साल 2026 की भर्ती प्रक्रिया को लेकर NSUI ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। संगठन ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, आरक्षण नियमों और U
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NSUI का आरोप है कि साल 2025 की भर्ती प्रक्रिया में रोस्टर और आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि पीएचडी और जेआरएफ जैसी उच्च योग्यता रखने वाले कई अभ्यर्थियों को ‘नॉट फाउंड सूटेबल’ घोषित किया गया, जबकि अन्य उम्मीदवारों का चयन किया गया।
संगठन ने चयन समिति के अनिवार्य कोरम में कमी, बिना सक्षम स्वीकृति पदों के उन्नयन और चयन सूची सार्वजनिक किए बिना नियुक्तियां देने जैसे आरोप भी लगाए हैं।
2026 की भर्ती प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
NSUI ने वर्ष 2026 में जारी भर्ती प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई है। संगठन का कहना है कि दावा-आपत्ति के लिए जारी सूची में अभ्यर्थियों के नाम और प्राप्तांकों की जगह केवल एप्लिकेशन आईडी प्रकाशित की गई है। इससे अभ्यर्थियों के लिए प्रभावी दावा-आपत्ति दर्ज करना मुश्किल हो गया है और पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता प्रभावित हुई है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि विश्वविद्यालय प्रशासन पूर्व की भर्तियों की तरह नाम सहित पात्र-अपात्र सूची सार्वजनिक करे, ताकि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।
मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री को भी भेजा ज्ञापन
NSUI ने राज्यपाल के अलावा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उच्च शिक्षा मंत्री के नाम भी ज्ञापन सौंपा है। संगठन का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर पहले भी शिकायतें और आपत्तियां सामने आ चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
युवाओं के भविष्य से समझौता नहीं: विशाल खंबारी
NSUI बस्तर (शहर) जिलाध्यक्ष विशाल खंबारी ने कहा कि बस्तर के युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं तो निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए और योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिलना चाहिए।




