यूनिसेफ और छत्तीसगढ़ अलायंस फॉर बिहेवियर चेंज ने संयुक्त तौर नोनी जोहार के चौथे सीजन का आयोजन किया। ये कार्यक्रम दो दिनों तक चला। प्रोग्राम के दूसरे दिन कार्यक्रम में नई ऊर्जा, भावनात्मक जुड़ाव और युवाओं की सशक्त भागीदारी देखने को मिली।
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छत्तीसगढ़ के 15 से अधिक जिलों से आए 200 से ज्यादा युवा वॉलंटियर्स ने बच्चों और किशोरों से जुड़े मुद्दों, खासकर बाल विवाह की रोकथाम पर सार्थक संवाद किया। सेलिब्रिटी एक्टर स्मृति कालरा भी इस मौके पर मौजूद रहीं। भास्कर से उन्होंने नोनी-जोहार, बस्तर से आए बच्चों और अपने करियर को लेकर खास बातचीत की, पढ़िए पूरा इंटरव्यू…

बड़ी संख्या में वॉलंटियर्स नोनी जोहार का हिस्सा बने।
सवाल: आपने अभिनय, जर्नलिज्म और सोशल वर्क कई सेक्टर में काम किए, वर्क सेटिस्फेक्शन कहां मिला? जवाब: मुझे लगता है, काम सभी बढ़िया है। लेकिन वर्क सेटिस्फेक्शन आपके मेंटल स्टेटस पर डिपेंड करता है। जिस वक्त, जो काम आप कर रहें हैं, उस मूमेंट में आप मेंटली प्रेजेंट नहीं हैं तो सेटिस्फेक्शन नहीं मिलेगा। मुझे लगता है कि मैं जब जो काम कर रही होती हूं, वहां ही होती हूं।
प्रेजेंट में होना सबसे बेहतर है। अभी मैं यहां बच्चों से मिल रही हूं, बात कर रही हूं, उनसे आर्ट ऑफ लिविंग सीख रही हूं। यही सबसे ज्यादा सुकून दे रहा है।

वर्क सेटिस्फेक्शन पर स्मृति ने प्रेजेंस ऑफ माइंड को ज्यादा महत्वपूर्ण बताया।
सवाल: आप दूसरे राज्यों और अलग-अलग जगहों के बच्चों से मिली होंगी, बस्तर के बच्चों में और बाकी जगह के बच्चों में क्या फर्क दिखता है? जवाब: मेरे फादर आर्मी में थे, तो इंडिया के अलग-अलग जगहों पर मैं रही हूं। यहां जिन बच्चों से मिल रही हूं, वो बिल्कुल ग्रास रूट लेवल से आए हैं। इनको पता है कि गांव से निकलकर शहर तक का सफर तय करना आसान हैं। यहां के बच्चों ने चौड़ी सड़क तक नहीं देखी।
तीन-तीन हजार के लिए बच्चे बंदूक उठा लेते थे। वहां से निकलकर इस लेवल तक पहुंचना, जहां वो तकनीक पर बात कर रहे हैं। ट्रेनिंग दे रहे हैं। मतलब यहां जो जुनून, आगे बढ़ने की सोच बच्चों के भीतर है, वैसे मैंने दूसरी जगहों पर नहीं देखा।
सवाल: एक मीडिया रिपोर्ट आई थी, उसके मुताबिक जो महिलाएं मां बनने वाली वो इन दिनों डॉक्टरों के पास जा रही हैं। उनकी डिमांड है कि बच्चे लंबी कद वाले हों, गोरे हों? आप इसे किस तरह से देखती हैं? जवाब: ये चीजें आज से नहीं हो रहीं हैं, पहले से चली आ रही हैं। सोसाइटी ने इन सब चीजों को डेवलप किया है। हमने ही तय किया है कि गोरा खूबसूरत है, काला खराब है। इन्हीं चीजों को माइंड में रखकर लोग आगे की सोचते हैं। मुझे लगता है, ब्यूटी पर्सनैलिटी का पार्ट है।
अब ये व्यक्ति विशेष पर निर्भर तय करता है वो ब्यूटी कैसे डिफाइन करता है। कोई व्यक्ति सही तरीके से बात नहीं कर रहा, तो वो मेरे लिए खूबसूरत नहीं है। और मुझे लगता है कि जाे महिलाएं मां बनने वाली हैं, वो खूबसूरती के किसी पैमाने को लेकर डॉक्टर के पास जा रही हैं, वो गलत है।
सवाल: आपको आपके फैंस कब पर्दे पर देख सकते हैं? जवाब: बहुत जल्द आप मुझे देख पाएंगे। कुछ प्रोजेक्ट्स पर बात चल रही हैं। लेकिन प्रोजेक्ट लॉक होने में वक्त लगता है। तो जल्द देखेंगे लेकिन थोड़ी वक्त लग सकता है।
अब पढ़िए नोनी जोहार के दूसरे दिन की हैपनिंग …
बाल विवाह केवल कानूनी नहीं, सामाजिक चुनौती: नंदलाल चौधरी
कार्यक्रम के केंद्रीय सत्र को महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक नंदलाल चौधरी ने संबोधित किया। उन्होंने बाल विवाह रोकथाम में UNICEF की भूमिका को राज्य के अहम विकास साझेदार के रूप में रेखांकित किया।
इंटरएक्टिव चर्चा के दौरान युवाओं ने विवाह की कानूनी उम्र, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक प्रभावों पर मंथन किया। चर्चा में स्कूल ड्रॉपआउट, गरीबी, सामाजिक परंपराएं, कम उम्र में जिम्मेदारियां और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी जैसे कारण सामने आए।
नंदलाल चौधरी ने कहा कि बाल विवाह सिर्फ कानून का नहीं, बल्कि गहराई से जुड़ा सामाजिक मुद्दा है, और जब तक बच्चे व किशोर खुद इसके खिलाफ आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक स्थायी बदलाव संभव नहीं है।
वॉलंटियर कार्निवल बना रचनात्मकता का केंद्र
कार्यक्रम का वॉलंटियर कार्निवल और स्टॉल एरिया युवाओं की रचनात्मकता और सीख का जीवंत मंच बना रहा। युवाओं द्वारा लगाए गए स्टॉल्स में बाल विवाह रोकथाम, मानसिक स्वास्थ्य, लैंगिक समानता, युवा सहभागिता और सामुदायिक कल्याण जैसे विषयों पर नवाचारों को प्रदर्शित किया गया।

कई सोशल सब्जेक्ट पर चर्चा की गई।
अभिनेत्री स्मृति कालरा से युवाओं की बेबाक बातचीत
दिन का खास आकर्षण रहा सेलिब्रिटी एक्टर स्मृति कालरा के साथ इंटरएक्टिव सेशन। “फैक्ट और फ्रिक्शन” गेम के जरिए उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया, सेलिब्रिटी संस्कृति और सामाजिक धारणाओं पर खुलकर चर्चा की।
त्वचा के रंग को लेकर पूछे गए सवाल पर स्मृति कालरा ने कहा कि यह सोच समाज की ओर गढ़ी जाती है और लोग इसे आत्मसात कर लेते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाली पीढ़ी रंगभेद से ऊपर उठकर असली खूबसूरती को चरित्र और मूल्यों से जोड़ेगी।

सेलिब्रिटी एक्टर स्मृति कालरा के साथ बच्चों ने खुलकर बातचीत की।
‘मानस्विनी’ पुस्तिका और युवोदय एप लॉन्च
दूसरे दिन दो महत्वपूर्ण पहल भी शुरू की गईं—
- ‘मानस्विनी’ : महिला एवं मानसिक स्वास्थ्य पर आधारित पुस्तिका
- युवोदय एप : युवाओं की भागीदारी को और मजबूत करने के लिए

नए इनोवेटिव आइडिया पर चर्चा हुई।
युवा नेतृत्व और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश
कार्यक्रम का समापन युवा नेतृत्व, सामूहिक जिम्मेदारी और जागरूक आवाजों की ताकत के संदेश के साथ हुआ। नोनी जोहार 4.0 ने एक बार फिर यह दोहराया कि आत्मविश्वासी, संवेदनशील और सामाजिक रूप से जागरूक युवा ही स्थायी बदलाव के वाहक हैं।
नोनी जोहार: 2021 से शुरू हुआ युवा आंदोलन
नोनी जोहार 1:युवाओं और फील्ड वर्कर्स के लिए सुरक्षित मंच, जहां लैंगिक समानता और महिला नेतृत्व पर फोकस रहा।
नोनी जोहार 2:मानसिक स्वास्थ्य को मानव अधिकार के रूप में पहचान, लड़कियों के नेतृत्व और आत्म-देखभाल पर जोर।
नोनी जोहार 3:युवा सहयोग, लैंगिक समानता, जलवायु कार्रवाई और मानसिक स्वास्थ्य पर सामूहिक पहल।
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