बीजापुर के नक्सल प्रभावित दक्षिण बस्तर में सुरक्षा बलों ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। थाना उसूर क्षेत्र के कर्रेगुट्टा पहाड़ स्थित ताड़पाला घाटी में एक नया सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैंप स्थापित किया गया है।
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यह कैंप 2 दिसंबर को स्थापित किया गया, जो कर्रेगुट्टा हिल्स पर 4 नवंबर को बने बेस कैंप के बाद दूसरा रणनीतिक कैंप है। इसे डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा 205 व 210 और केरिपु 196 की संयुक्त टीमों ने दुर्गम परिस्थितियों के बीच तैयार किया।
सुरक्षा बलों ने ताड़पाला घाटी में कैंप स्थापित किया
ताड़पाला घाटी तक पहुंचना सुरक्षा बलों के लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। क्षेत्र में सड़क मार्ग का अभाव, खड़ी पहाड़ियां, आईईडी और घात लगाकर हमले का लगातार खतरा, पानी की कमी जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद बलों ने सफलतापूर्वक कैंप की स्थापना की।

दक्षिण माओवादी ज़ोन में कैंप से सुरक्षा बलों को मिलेगी रणनीतिक बढ़त
अधिकारियों के अनुसार, यह कैंप दक्षिण माओवादी ज़ोन में चल रहे अभियानों को रणनीतिक बढ़त देगा और इलाके में सुरक्षा की पकड़ मजबूत करेगा। सुरक्षा बल भविष्य में इस कैंप को जंगल वारफेयर, फील्ड क्राफ्ट, टैक्टिक्स और उन्नत प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करेंगे।
ताड़पाला की भौगोलिक स्थिति छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा के निकट होने के कारण अब दोनों राज्यों की संयुक्त कार्रवाई और अधिक प्रभावी हो सकेगी। इस अभियान के दौरान हेलीकॉप्टर सहायता प्रदान की गई, और वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लगातार मार्गदर्शन किया।
बीजापुर में 23 नए सुरक्षा कैंप स्थापित
अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2024 से अब तक बीजापुर जिले में 23 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं। इसी अवधि में 790 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, 219 माओवादी मारे गए और 1049 गिरफ्तारियां हुईं।
इसके अतिरिक्त, बस्तर संभाग में 210 माओवादियों ने हथियार डाले, जिसे अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। वर्ष 2023-24 और 2024-25 में बीजापुर जिले में कुल 45 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, जिससे दूरदराज के इलाकों में विकास और सुरक्षा दोनों की गति तेज हुई है।
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