ये तस्वीर सरेंडर के वक्त की है, जब नक्सली जंगल से बाहर निकल रहे थे।
नक्सलियों की पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी ने गोंडी बोली में एक वीडियो जारी कर सरेंडर किए नक्सलियों को गद्दार बताया है। इस वीडियो में हाल ही में सरेंडर किए नक्सलियों की तस्वीर है। साथ ही नक्सलियों ने वीडियो के साथ एक पर्चा भी जारी किया है। अपने साथी DVCM
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दरअसल, हाल ही में छत्तीसगढ़ के बस्तर और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में करीब 283 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा और आत्मसमर्पण किया है। जंगल से निकलते हुए उनकी तस्वीर भी सामने आई थी। जिसके बाद अब नक्सलियों ने उन्हीं तस्वीरों के साथ गोंडी बोली में एक वीडियो बनाया है। यह वीडियो करीब 2 मिनट 47 सेकेंड का है।

नक्सलियों को बस से जगदलपुर लाया गया था।
2 मिनट 47 सेकेंड का है वीडियो
इस वीडियो के माध्यम से नक्सलियों ने इन सभी सरेंडर नक्सली को गद्दार बताया है। इसके साथ ही नक्सलियों के पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी ने एक पर्चा जारी किया और उसमें लिखा है कि उनका DVCM साथी कमलू ने 26 अक्टूबर को सरेंडर कर दिया। कमलू पिछले 25 से 30 सालों से पार्टी के साथ जुड़कर काम कर रहा था।


भैरमगढ़ एरिया कमेटी में था सक्रिय
पार्टी सदस्य से लेकर एरिया कमेटी मेंबर और वर्तमान में डिवीजन कमेटी के पद तक पहुंचा था। वह भैरमगढ़ एरिया कमेटी का इंचार्ज भी था। पिछले कई दिनों से उसकी हरकतें ठीक नहीं थी। नक्सली लीडरों ने कहा कि पार्टी ने उसे मौका भी दिया था, लेकिन वह नहीं सुधरा। वहीं उसके पास उस इलाके के आदिवासी ग्रामीणों का 2 लाख रुपए भी था। जिसे लेकर वह भाग गया और सरेंडर कर दिया, वह गद्दार है।

210 नक्सलियों का सरेंडर, 153 हथियार सौंपे थे
जगदलपुर में 17 अक्टूबर को 210 नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया था। 153 हथियार भी सौंपे गए थे। इनमें बस्तर में सरेंडर करने वाले 140 और कांकेर में पहले आत्मसमर्पण कर चुके 60 से ज्यादा नक्सली शामिल थे। इनमें महिला नक्सलियों की संख्या पुरुषों से अधिक रही।
CM विष्णुदेव साय ने बताया था कि सरेंडर करने वालों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत मकान, जमीन और तीन साल तक आर्थिक सहायता दी जाएगी। पुलिस लाइन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में सभी नक्सलियों को भारतीय संविधान की किताब और एक गुलाब भेंट कर उनका स्वागत किया गया। पढ़ें पूरी खबर…

जगदलपुर में 17 अक्टूबर को 210 नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया था।
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