धमतरी में सिख समाज ने प्रकाश पर्व को लेकर उत्साह का माहौल बनाया है। इस अवसर पर गुरुद्वारे में प्रतिदिन शबद कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। शहर में देर रात तक कार्यक्रम हुए और आतिशबाजी भी की गई।
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गुरुद्वारे से नगर कीर्तन शोभायात्रा निकाली गई। इसमें पंच प्यारे हाथों में तलवार लेकर गुरु ग्रंथ साहिब की अगुवाई करते हुए चल रहे थे। इस दौरान जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा। शोभायात्रा में छोटे बच्चों की टोलियां हाथों में ध्वजा लेकर चल रही थीं।
एक वाहन को फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिसमें गुरु ग्रंथ साहिब को रखा गया था। इसके पीछे महिलाओं की टोली सफेद और केसरिया रंग के परिधान में भजन-कीर्तन करते हुए चल रही थी।

चाय-पानी की सेवा की गई
नगर कीर्तन यात्रा गोल बाजार, मठ मंदिर चौक, सदर बाजार, कचहरी चौक से होते हुए गांधी चौक पहुंची। यहां छाबड़ा परिवार की ओर से समाजजनों के लिए चाय-पानी की सेवा की गई। इसके बाद यात्रा बनियापारा, शिव चौक, धोबी चौक होकर नगर निगम स्कूल चौक पहुंची।
नेशनल हाईवे से होते हुए देर रात नगर कीर्तन वापस गुरुद्वारे पहुंची, जहां शोभायात्रा का समापन हुआ। सदर बाजार में समाजसेवियों ने पंच प्यारों पर फूल बरसाकर और फूलमाला पहनाकर भव्य स्वागत किया।

मनाई जा रही गुरु नानक की 556वीं जयंती
समाज के सदस्यों ने बताया कि गुरु नानक देव सिख समाज के पहले गुरु थे। उनके प्रकाश पर्व पर हर वर्ष नगर कीर्तन निकाली जाती है, जिसमें महिलाएं एक ही वेशभूषा में शामिल होती हैं। इस वर्ष गुरु नानक देव की 556वीं जयंती मनाई जा रही है।
गुरु नानक देव का जन्म एकादशी की पूर्णिमा को हुआ था। 5 नवंबर को उनके जन्मोत्सव के अवसर पर प्रकाश पर्व मनाया जाता है और इसी उपलक्ष्य में नगर कीर्तन शहर में निकाले जाते हैं।

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