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रायपुर के उरला थाना क्षेत्र में दो भाइयों ने मोबाइल को लेकर हुए मामूली विवाद पर बीरगांव में रहने वाले एक युवक की हत्या कर दी थी। इस मामले में कोर्ट ने दोनों भाइयों को दस-दस साल कर सजा सुनाई है। मामला 6 मई, साल 2021 का है। हत्या में शामिल दोनों भाई कथ
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रात करीब 11.30 बजे बीरगांव के नागेश्वर नगर में झम्मन यादव, हिरेन्द्र देवांगन और उनके साथी मोहल्ले के रंगमंच पर बैठे थे। तभी मोहल्ले का रविकांत तिवारी आया और बातचीत के दौरान हुई बहस के बाद हिरेन्द्र का मोबाइल लेकर घर चला गया। इसके बाद हिरेन्द्र और उसके बाकी साथी रविकांत के घर मोबाइल लेने पहुंचे तो यहां विवाद बढ़ गया।
दोनों भाइयों ने हिरेन्द्र और साथियों पर हंसिया से किया हमला
इसी दौरान रविकांत का भाई दीपक भी बाहर आया और दोनों ने मिलकर घर से चाकू और हंसिया निकाल लिया। आरोप है कि दोनों ने मिलकर हिरेन्द्र के एक साथी झम्मन यादव पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे हिरेन्द्र देवांगन को भी पीठ में चाकू मारा गया।
हिरेन्द्र की साथी की हो गई थी मौत
घटना के बाद दोनों को मेकाहारा अस्पताल ले जाया गया, जहां झम्मन को मृत घोषित किया गया और हिरेन्द्र को भर्ती किया गया। पुलिस ने हादसे वाली जगह से खून से सने चाकू, हंसिया और आरोपितों के कपड़े जब्त किए थे। एफएसएल रिपोर्ट में हथियारों पर खून मिलने की पुष्टि हुई थी।
प्रत्यक्षदर्शी करण, सुभाष, कार्तिक समेत अन्य गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया गया।
कोर्ट ने कहा- हत्या नहीं वध किया गया है
सजा पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी पहली बार अपराध में आए हैं, वे परिवार के कमाऊ सदस्य हैं, इसलिए सजा कम दी जाए। दोनों भाई भागवत कथा करते थे। लेकिन अभियोजन पक्ष ने अधिकतम दंड की मांग की।
लोक अभियोजक कैलाश अगाशे ने बताया कि मामले पर सुनवाई करते हुए न्यायधीश जितन्द्रे कुमार सिंह ने कहा कि परिस्थितियों से यह साबित होता है कि घटना अचानक हुए विवाद से उत्पन्न हुई, इसलिए इसे हत्या नहीं बल्कि आपराधिक वध माना जाएगा।
दोनों भाइयों की पूर्व में कोई आपराधिक पृष्ठभूमि सिद्ध नहीं हुई, लेकिन अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन्हें 10 वर्ष + 5 वर्ष की सजा दी गई।
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