द ब्लेज ई न्यूज,जशपुरनगर। निर्माण कार्य के दौरान करंट की चपेट में आ कर दिव्यांग हुए राज मिस्त्री को जिला न्यायालय ने बड़ी राहत दी है। न्यायालय ने मकान मालिकीन सावित्री बाई और राज्य विद्युत वितरण कंपनी को पीड़ित को साढ़े तेरह लाख क्षतिपूर्ति राशि देने का आदेश दिया है। शहर के नजदीकी बाधरकोना निवासी वादी जसंती बाई के अधिवक्ता सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि जसवंती का बेटा अनूप भगत राज मिस्त्री का काम कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था।

घटना दिनांक 23 जून 2020 को चिरोडिपा में सावित्री बाई के घर के निर्माण कार्य में राज मिस्त्री का काम कर रहा था। इसी दौरान निर्माण स्थल के बगल में स्थित बिजली के खम्बे के बारिश के पानी से जमीन में फैले करंट की चपेट में आने से अनूप गंभीर रूप से घायल हो गया। जिला चिकित्सालय में में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए अनूप को बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर कर दिया था। घटना के बाद अनूप भगत 70 प्रतिशत दिव्यांग हो गया। जिला मेडिकल बोर्ड ने परीक्षण के बाद अनूप को दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया।

अनूप की माँ जसंती बाई ने बेटे को न्याय दिलाने के लिए जिला न्यायलय में अधिवक्ता सत्य प्रकाश तिवारी के माध्यम से परिवाद दायर किया। दोनों पक्षों के तर्क और प्रस्तुत प्रमाणो का परीक्षण करने के बाद न्यायधीश शैलेश अचयुत पटवर्धन ने मकान मालकिन सावित्री बाई और राज्य विद्युत मंडल को संयुक्त रूप से पीड़ित अनूप भगत को साढ़े 13 लाख क्षतिपूर्ति भुगतान करने का आदेश दिया है। जसंतीबाई ने बताया कि दुर्घटना के बाद से उनका पूरा परिवार गंभीर आर्थिक संकट में फंस गया है। परिवार में अनूप के अलावा कमाने वाला कोई सदस्य नहीं है। उनके पिता जमुना राम भी बीमारी से जुझ रहे है।

बहन रूचि इस समय कालेज में स्तानक के अंतिम साल की पढ़ाई कर रही है। मां जसंती बाई मेहनत मजदूरी और कर्ज लेकर बेटे का उपचार कराई और फिर बेटे को न्याय दिलाने के लिये जिला न्यायालय में परिवाद दायर किया। न्यायालय के निर्णय से अनुप के साथ उसके परिवार को आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद जागी है। हालांकि अनूप के सामने अभी पूरा जीवन पड़ा हुआ है। दुर्घटना के बाद चलना-फिरना तो दूर बिस्तर से उठ कर बैठ भी नहीं पाते हैं। जसंती बाई ने बताया कि फिलहाल सरकारी सहायता के नाम पर अनूप को दिव्यांग पेंशन के रूप में 5 सौ रूपये प्रतिमाह मिल रहा है।
दूसरे पीड़ितों के लिए बनेगा प्रेरणा
अनूप भगत को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जिला न्यायालय के वकील सत्य प्रकाश तिवारी का मानना है कि बेटे अनूप भगत के लिए माँ जसंती बाई का यह संघर्ष इस तरह के दुर्घटना का शिकार होने वाले दूसरे पीड़ितों के लिए प्रेरणा दायक साबित होगा। उन्होंने बताया कि इस तरह के मामलों में अक्सर देखा जाता है कि जिम्मेदार अक्सर पीड़ितों को कानून दिए जाने वाले वित्तीय जिम्मेदारियों से बचने का प्रयास करते है। जिला न्यायालय ने पीड़ितों को न्याय की एक नई राह दिखाई है।

