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अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में 15 वर्षीय नाबालिग ने बच्चे को जन्म दिया। बच्चे की दो दिनों बाद मौत हो गई। नाबालिग को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। परिजनों ने मामले में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। वहीं एक अन्य मामले में बच्चे के ज
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जानकारी के मुताबिक, मैनपाट इलाके की प्रेग्नेंट नाबालिग को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। नाबालिग ने 10 दिसंबर को बच्चे को जन्म दिया। बच्चा अत्यधिक कमजोर था, उसे NICU में रखा गया था। इलाज के दौरान शनिवार को बच्चे की मौत हो गई। वहीं प्रसूता नाबालिग को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।
परिजनों ने नहीं दर्ज कराई शिकायत बताया गया है कि नाबालिग के पिता होटल का संचालन करते हैं। उन्होंने काम के लिए एक युवक को रखा था, जिससे नाबालिग का प्रेम संबंध बन गया था। दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने, जिससे नाबालिग प्रेग्नेंट हो गई। इसकी जानकारी परिजनों को मिली, तब तक कई माह हो चुके थे। मामले में परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
बच्चे को जन्म देने के बाद प्रसूता की मौत एक अन्य मामले में बच्चे को जन्म देने के बाद ब्लडिंग नहीं रूकने से प्रसूता की मौत हो गई। बलरामपुर जिले के राजपुर ब्लॉक अंतर्गत परसागुड़ी निवासी सोनी खलखो (34 वर्ष) पति अजय लकड़ा को पति ने मायके लोधिमा में इलाज पर डिलीवरी के लिए छोड़ा था। प्रसव पीड़ा होने पर उसे रामपुर PHC में दाखिल किया गया था।
रामपुर PHC में सोनी खलखो की गुरुवार रात को नार्मल डिलीवरी कराई गई थी। बच्चे के जन्म के बाद उसे लगातार ब्लीडिंग हो रही थी। उसे बीती रात मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में दाखिल किया गया था। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
चिकित्सकों के अनुसार अत्यधिक ब्लीडिंग के कारण सोनी खलखो को नहीं बचाया जा सका। यह उसका दूसरा बच्चा था। पहला बच्चा करीब डेढ़ वर्ष का है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
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