मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव में दूसरे दिन भी उत्साह की कमी दिखी। स्वामी आत्मानंद स्कूल ग्राउंड में हुए इस कार्यक्रम में कुर्सियां खाली रहीं। केवल ड्यूटी पर तैनात कुछ अधिकारी, कर्मचारी और खाली कुर्सियां ही श्रोता क
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दरअसल, राज्योत्सव के पहले दिन उद्घाटन समारोह के लिए भरतपुर-सोनहत की विधायक रेणुका सिंह को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे किसी कारणवश नहीं पहुंचीं। इसके चलते जिले के बड़े अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
दूसरे दिन भी कोई अतिथि या प्रसिद्ध कलाकार नहीं होने के कारण न तो बड़े अधिकारी पहुंचे और न ही आमजनों ने इसमें रुचि दिखाई, जिससे पूरा पंडाल खाली रहा। राज्योत्सव में उत्साह की कमी और दोनों दिन खाली कुर्सियों को देखकर सोशल मीडिया पर लोगों ने जिला प्रशासन की जमकर आलोचना की।

तीन दिवसीय कार्यक्रम को एक दिन में करने का सुझाव
कई लोगों ने सुझाव दिया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम को एक दिन का कर देना चाहिए और शासन-प्रशासन को भव्य आयोजन की तैयारी करनी चाहिए। लोगों का कहना था कि ऐसे आयोजनों से आमजनों के कार्यालयीन कार्यों में बाधा आती है, क्योंकि अधिकारी कार्यक्रम के नाम पर कार्यालयों से नदारद रहते हैं।
राज्योत्सव के दूसरे दिन रहा सन्नाटा
राज्योत्सव के दूसरे दिन जब स्थानीय साहित्यकारों और कलाकारों के लिए मंच सजा, तो दर्शक दीर्घा में न तो वीआईपी, न वीवीआईपी और न ही आमजन मौजूद थे। यह शासन-प्रशासन की उदासीनता को दर्शाता है। पंडाल में केवल खाली कुर्सियां थीं।
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