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छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर की तरफ से घोषित 2026 के हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणामों में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिला लगातार दूसरे साल प्रदेश में सबसे अंतिम स्थान पर रहा। 10वीं बोर्ड परीक्षा में जिले का परिणाम केवल 59.12 प्रतिशत रहा, जबकि 12वीं बोर्ड परीक्षा में यह 62.40 प्रतिशत दर्ज किया गया। इस निराशाजनक प्रदर्शन से जिले की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जहां प्रदेश के कई जिलों ने 90 प्रतिशत से अधिक सफलता दर्ज की है, वहीं एमसीबी जिले का यह प्रदर्शन शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की तैयारी और स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर चिंताजनक है। लगातार दूसरे वर्ष ऐसी स्थिति बने रहने से शिक्षा विभाग के दावों पर प्रश्नचिह्न लग गया है। कमजोर शैक्षणिक तैयारी खराब परिणामों का प्रमुख कारण जिले में सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति, शिक्षकों की कमी, नियमित मॉनिटरिंग का अभाव, दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा संसाधनों की कमी और विद्यार्थियों की कमजोर शैक्षणिक तैयारी को खराब परिणामों का प्रमुख कारण बताया जा रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी लंबे समय से बनी हुई है, जिसका सीधा असर परीक्षा परिणामों पर दिख रहा है। इन परिणामों के बाद अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने शिक्षा विभाग की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार खराब प्रदर्शन के बावजूद सुधार के ठोस प्रयास नहीं दिख रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं। आगे सुधार किया जाएगा- मिरे जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी. मिरे ने परिणामों को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि कमजोर प्रदर्शन वाले स्कूलों की समीक्षा की जाएगी और आगामी सत्र में सुधार के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी। हालांकि, जिले के लगातार खराब प्रदर्शन ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।
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