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कोंडागांव में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन ने विधायक लता उइके को एक ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने 1 मई से 7 मई तक चले प्रदेशव्यापी अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार तक अपनी विभिन्न मांगें पहुंचाने की बात कही है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करना शामिल है। यूनियन का तर्क है कि बिजली कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए यह व्यवस्था आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, कई वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की भी मांग की गई है। खाली पदों पर जल्द भर्ती की मांग कर्मचारियों ने बताया कि विभाग में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं, जिससे नियमित कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ रहा है। इसका सीधा असर बिजली व्यवस्था और रखरखाव कार्यों पर पड़ रहा है। यूनियन ने मांग की है कि खाली पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए ताकि मेंटेनेंस और आपूर्ति व्यवस्था में सुधार हो सके। आउटसोर्सिंग और ठेका प्रथा को समाप्त करने की मांग की यूनियन ने आउटसोर्सिंग और ठेका प्रथा को समाप्त करने की भी प्रमुखता से मांग की। उनका कहना है कि कर्मचारियों को सुरक्षित कार्य वातावरण और उचित वेतन सुविधाएं मिलनी चाहिए। बिजली व्यवस्था की गुणवत्ता और स्थिरता सीधे कर्मचारियों की कार्य स्थितियों से जुड़ी हुई है। यूनियन पदाधिकारियों ने विधायक लता उइके से इन मांगों पर गंभीरता से विचार करने और उचित पहल करने का आग्रह किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी।
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