द ब्लेज ई न्यूज,जशपुरनगर (रोहित यादव)ः जिल हाथों में बस्ता और खेल सामग्री होना चाहिए,उन हाथों में शराब की बोतल देख कर माताओं के सब्र का बांध टूट गया और वे शराब बंदी की मांग करती हुई सड़क में उतर आई। महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए शराब बंदी की मांग की। कोतबा पुलिस को ज्ञापन सौंप कर शराब के अवैध कारोबार बंद करने में सहयोग की अपील की। मामला जिले के पत्थलगांव ब्लाक के कोतबा चौकी क्षेत्र के बुलडेगा गांव की है। सौपे गए ज्ञापन में महिलाओं ने बताया है कि उनके गांव में शराब का अवैध कारोबार चरम सीमा पर पहुंच गया है। गांव के लगभग हर घर के बच्चे,युवा और बुजुर्ग नशे के आदि हो चुके हैं। इससे परिवार में कलह हो रहा है और परिवार बिखर रहे हैं। महिलाओं का आरोप है कि शराब की नशे की चपेट में बच्चे भी आने लगे हैं। पुस्तक कापी छोड़ कर बच्चों के हाथों में शराब की बोतलें नजर आने लगी है। इस पर महिलाओं के सब्र का बांध टूट गया और शनिवार को वे सड़क में उतर आई।
संघर्ष के लिए किया समिति का गठन –
अपने गांव बुलडेगा में शराब बंदी के लिए संकल्प लेते हुए महिलाओं ने संघर्ष समिति का गठन किया है। इस समिति में गांव की लगभग सभी महिलाएं शामिल हैं। महिलाओं ने बताया कि गांव में जब तक अवैध शराब बनना बंद नहीं होता है,तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। इसके लिए महिलाओं ने पुलिस से भी सहयोग मांगा है।
जिले में पहले भी होता रहा है आंदोलन –
शराब बंदी की मांग को लेकर जिले में महिलाएं पहले भी मांग उठाती रही हैं। जिला मुख्यालय जशपुर के नजदीकी ग्राम गिरांग और घोलेंग की महिलाआों ने समिति बना कर शराब के अवैध कारोबारियों के घर सीधी कार्रवाई करने जैसा आंदोलन करने का साहस दिखाया था। इस कार्रवाई में महिलाएं अवैध कारोबाारियों के घर में घुस कर बना कर रखे गए शराब,महुआ और लाहन के साथ बर्तनों को भी नष्ट कर देती थी। इस तरह का दृश्य जिले के फरसाबहार ब्लाक के कोल्हेनझरिया में भी देखने को मिला था। इस गांव में भी पूर्ण शराब बंदी की मांग को लेकर लंबे समय तक आंदोलन चलता रहा था। शराब बंदी की आशा के साथ कोल्हेनझरिया में पुलिस चौकी की मांग उठी थी। कोल्हेनझरियों में पुलिस चौकी स्थापित हो चुकी है। लेकिन पूर्ण शराब बंदी का सपना पूरा नहीं हुआ है।
‘‘मामले में चौकी प्रभारी को बुलडेगा में अवैध शराब बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाइ्र करने का निर्देश दिया गया है।’’
शशि मोहन सिंह,एसएसपी,जशपुर।
