द ब्लेज ई न्यूज, ((रोहित यादव) तुमला: जिले के तपकरा वन परिक्षेत्र के तुमला में स्थित सतपुरिया जंगल में दल से बिछड़े हुए दंतैल ने डेरा जमा दिया है। इस लोनर एलीफेंट ने बीते दो दिनों में सतपुरिया जंगल के आसपास स्थित धान के खेत के फसल को नुकसान पहुंचाया है। किसानों को हुए नुकसान का आंकलन करने में वनविभाग जुटा है। तपकरा रेंज की वन परिक्षेत्राधिकारी आकांक्षा लकड़ा ने बताया कि नर हाथी पड़ोसी जिले रायगढ़ के लैलूंगा वन परिक्षेत्र में भटक रहे 27 हाथियों के दल से अलग हो कर यहां पहुंचा है। उन्होनें बताया कि हाथी की उपस्थिति को देखते हुए वनविभाग ने सतपुरिया जंगल के आसपास के गांव व बस्तियों में मुनादी करा कर एलर्ट जारी कर दिया है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि हाथी की उपस्थिति के दौरान जंगल की ओर ना जाए। वनविभाग इस हाथी के हलचल पर नजर बनाए हुए है। उल्लेखनिय है कि तपकरा वन परिक्षेत्र हाथियों का सबसे पसंदीदा रहवास है। इस क्षेत्र के घने जंगल और प्रचुर मात्रा में पानी की उपलब्धता अतिकायों को खूब भाता है। यही कारण है कि पड़ोसी राज्य ओडिसा और झारखंड से हाथी पलायन कर यहां पहुंचते है। यहां से आगे बढ़ते हुए हाथियों का दल पत्थलगांव होते हुए सरगुजा के सीतापुर,बतौली होते हुए अंबिकापुर और कोरबा जिले की ओर जाते हैं। वहीं हाथियों का दूसरा रूट रायगढ जिले का लैलूंगा,धर्मजयगढ़,घरघोड़ा भी है। हाथियों के इस हलचल से जन और संपत्ति हानि का आंकड़ा साल दर साल बढ़ रहा है। इसे नियंत्रित करने के लिए इन दिनों वन विभाग जागरूकता अभियान चला रहा है। विभाग का लक्ष्य हाथी प्रभावित क्षेत्र के रहवासियों को हाथियों के साथ सुरक्षित तरीके से रहने का तौर-तरीका सीखना है। ताकि हाथी मानव द्वंद्व की स्थिति को न्यूनतम स्तर पर लाकर हाथियों को साथी बनाया जा सके।
‘सतपुरिया जंगल में लोनर एलीफेंट की उपस्थिति को देखते हुए एलर्ट जारी कर ग्रामीणों से जंगल से दूर रहने की अपील की गई है। हाथी के मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा रही है।’’
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